ईद-उल-अजहा को लेकर मुरादाबाद में जिला स्तरीय पीस कमेटी की बैठक, डीएम बोले – सड़क पर नमाज नहीं, खुले में कुर्बानी पर रोक
मुरादाबाद, 5 जून 2025 भगवा सनातन टाइम्स
आगामी ईद-उल-अजहा पर्व को लेकर बुधवार को पंचायत भवन सभागार में जिला स्तरीय पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुज सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने की। इसमें थानोंवार संभ्रांत नागरिकों से संवाद कर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके सुझाव व समस्याएं जानी और समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में डीएम अनुज सिंह ने स्पष्ट कहा कि सड़क पर किसी भी स्थिति में नमाज अदा नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि कुर्बानी केवल निर्धारित कवर क्षेत्रों में ही हो, ताकि दूसरे धर्मों के लोगों की भावनाएं आहत न हों। उन्होंने लोगों से प्रशासन को सहयोग देने की अपील की और कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री साझा न की जाए।
डीएम ने यह भी कहा कि कुर्बानी के बाद अवशेषों का निस्तारण पूर्ण जिम्मेदारी के साथ किया जाए। सड़कों और नालियों में अवशेष डालने से न केवल शांति व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि सभी थानों पर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रशासन आमजन से संवाद बनाए रखे हुए है, ताकि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि शांति व्यवस्था को बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई नई परंपरा शुरू नहीं होगी, लेकिन पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
एसडीएम नगर ज्योति सिंह ने बताया कि जिले के ईदगाहों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो मौके पर सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि खुले में कुर्बानी नहीं होगी और सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मृणाली जोशी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन गुलाब चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव, सभी एसडीएम, पुलिस क्षेत्राधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी एवं संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि सोशल मीडिया पर कुर्बानी की वीडियो या फोटो साझा न करें, क्योंकि इससे शांति व्यवस्था को चुनौती मिलती है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जो भविष्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

