पथरी अनुभाग के शांत जंगल… लेकिन इसी ख़ामोशी में कुछ ऐसा पक रहा था, जिसकी भनक तक आसपास के लोगों को नहीं थी।
तभी एक गुप्त मुखबिर ने विभाग को एक ऐसी जानकारी दी, जिसने पूरे वन विभाग को हिला कर रख दिया।
सूचना इतनी गंभीर थी कि अनुभाग अधिकारी हरीश कुमार वालिया ने बिना पल गंवाए टीम तैयार की—क्योंकि जो होने वाला था, वह सामान्य कार्रवाई नहीं थी।
टीम जैसे-जैसे जंगल के अंदर बढ़ती गई, वैसे-वैसे माहौल और तनावपूर्ण होता गया।
सूत्र सही था… क्योंकि अचानक टीम उस जगह पहुंची, जहाँ जंगल की गहराइयों में अवैध रूप से कच्ची दारू तैयार की जा रही थी।
ड्रम, पाइप, उबलती भट्ठियाँ… सब एक पल में सामने था।
और फिर—छापेमारी शुरू!
जंगल के बीच कई लीटर अवैध कच्ची दारू बरामद हुई। किसी को पकड़ने से पहले ही सबूत नष्ट न हो जाएँ, इसलिए टीम ने मौके पर ही पूरी मात्रा नष्ट कर दी।
कार्रवाई में वन बीट अधिकारी आकाश सैनी, उमेश सिंह राजपूत, और कर्मचारी निर्मल, मार्टिन भी तैनात रहे, ताकि कोई भी रास्ता बचकर न निकल सके।
वन विभाग का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है…
जंगलों को अवैध कारोबार से मुक्त कराने की यह मुहिम आगे और भी सख्त होने वाली है।

