हरिद्वार:(जीशान मलिक) 10 मई को चंडी देवी रोपवे के पास वन विभाग के प्रतिबंधित पैदल रास्ते पर मिली अज्ञात महिला की लाश के सनसनीखेज मामले का हरिद्वार पुलिस ने 28 दिन बाद खुलासा कर दिया है। प्रेम प्रसंग में शादी के दबाव से तंग आकर प्रेमी ने अपने सगे भाई और जीजा के साथ मिलकर महिला की गला घोंटकर हत्या की थी। श्यामपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को बांदा, यूपी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।शनिवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह ने हत्याकांड की सिलसिलेवार जानकारी दी। बेहतरीन खुलासे पर आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम को 5000 और एसएसपी हरिद्वार ने 2500 रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
10 मई को चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास टूटे हुए पैदल रास्ते पर करीब 10 मीटर अंदर घनी झाड़ियों के बीच एक महिला का शव बिना कपड़ों के पड़ा मिला था। सूचना पर श्यामपुर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद गमछा और महिला के गले में कसकर बंधा हुआ ब्लाउज बरामद हुआ था। वन विभाग ने इस रास्ते को पैदल यात्रा के लिए वर्जित घोषित किया हुआ है।एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर श्यामपुर थाने में स्पेशल टीम गठित की। टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी CIU हरिद्वार को दी गई और पूरे केस का पर्यवेक्षण एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपा गया। शव की शिनाख्त के लिए DCRB, SCRB और NCRB को डिटेल भेजी गई, लेकिन 72 घंटे तक पहचान न होने पर शव का दाह संस्कार कर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस को विभिन्न पोर्टल्स से पता चला कि 2019 से अब तक 164 कौशल्या नाम की महिलाएं गुमशुदा हैं। वहीं निर्वाचन कार्यालयों में 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां रजिस्टर्ड थीं। इतने बड़े डेटा को खंगालना टीम के लिए बड़ी चुनौती था।जांच के दौरान 8 मई की रात की सीमित CCTV फुटेज में 3 संदिग्ध पुरुष और एक महिला चंडी देवी मंदिर की तरफ जाते दिखे। लौटते वक्त उनके साथ महिला नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों की बारीकी से जांच के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली। तीनों संदिग्ध बांदा उत्तर प्रदेश के राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा और छेदीलाल के रूप में पहचाने गए।
पूछताछ में सामने आया कि मृतका कौशल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा, यूपी के हत्यारोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा से प्रेम संबंध थे। कौशल्या पहले से शादीशुदा थी, फिर भी वह रामप्रकाश पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने सगे भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।पुलिस के मुताबिक, पहचान छिपाने के लिए ही आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने के लिए जानबूझकर घर से इतनी दूर हरिद्वार को चुना। चंडी देवी दर्शन के बहाने कौशल्या को हरिद्वार लाया गया और सुनसान जंगल में गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को बिना कपड़ों के छोड़ दिया ताकि पहचान न हो सके। लेकिन हरिद्वार पुलिस की मेहनत और विशेषज्ञता से उनकी साजिश नाकाम हो गई।
“गिरफ्तार आरोपी”
1. राकेश पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योडीबाबा, थाना कोतवाली नगर, बांदा, यूपी – मृतक का भाई
2. रामप्रकाश उर्फ गोविंदा पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योडीबाबा, थाना कोतवाली नगर, बांदा, यूपी – मृतका का प्रेमी
3. छेदीलाल पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा, थाना कोतवाली नगर, बांदा, यूपी – मृतक का जीजा।
एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि यह ब्लाइंड मर्डर केस था। न शव की पहचान थी, न कोई चश्मदीद। सिर्फ एक CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस के दम पर टीम ने 3540 नामों को फिल्टर कर आरोपियों तक पहुंची। यह हरिद्वार पुलिस की प्रोफेशनल जांच का उदाहरण है।
“केस की टाइमलाइन: 10 मई से 7 जून तक”
तारीख घटना 8 मई 2026 आरोपी 3 युवक और मृतका कौशल्या चंडी देवी मंदिर की तरफ जाते CCTV में कैद 10 मई 2026 चंडी देवी रोपवे के पास जंगल में अज्ञात महिला का शव बरामद।10-13 मई शिनाख्त के प्रयास विफल, शव का दाह संस्कार, अज्ञात में हत्या का मुकदमा 13 मई-5 जून 3540 कौशल्या का डेटा खंगाला, CCTV-सर्विलांस से बांदा कनेक्शन मिला।6 जून 2026 बांदा से तीनों आरोपी राकेश, रामप्रकाश, छेदीलाल गिरफ्तार। SSP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा, टीम को 7500 इनाम की घोषणा।

