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₹66 लाख की ठगी और “टुकड़े करने” की धमकी! एडवोकेट इन्दू रानी ने कोर्ट में खोला वो राज, जिसने उड़ाए सबके होश!

हरिद्वार:(चीफ एडिटर) जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले प्रॉपर्टी डीलरों पर हरिद्वार कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने एक ही जमीन को बार-बार बेचकर ₹66.44 लाख की धोखाधड़ी के मामले में कोतवाली रानीपुर पुलिस को 24 घंटे के अंदर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।ऋषिकेश निवासी विक्रम सिंह को फैक्ट्री के लिए जमीन चाहिए थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात ज्वालापुर के प्रॉपर्टी डीलर अनुराग सक्सेना और दादूपुर गोविंदपुर निवासी मोहम्मद कलीम अहमद से हुई।

आरोप है कि दोनों ने मिलकर विक्रम सिंह को मुख्य सड़क से लगी औद्योगिक जमीन दिखाने का झांसा दिया। भरोसा करके विक्रम ने बैंक से लोन लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल ₹66,44,000 आरोपियों को दे दिए।

“रजिस्ट्री में हुआ बड़ा खेल”

पैसे लेने के बाद आरोपियों ने रजिस्ट्री में खसरा संख्या 113/3 और गलत सीमाएं दर्ज करा दीं। मौके पर दिखाई गई जमीन और रजिस्ट्री वाली जमीन अलग निकली। जांच में पता चला कि इसी खसरा नंबर की जमीन साल 2018 में पहले ही परवेज नाम के व्यक्ति को बेची जा चुकी है, जिसका मामला FIR No. 85/2025 के तहत रानीपुर थाने में दर्ज है।

“धमकी: ‘टुकड़े-टुकड़े कर दफना दूंगा”

जब पीड़ित ने पैसे मांगे तो आरोपी कलीम अहमद ने 22 अप्रैल 2026 को दादूपुर गोविंदपुर बुलाया। वहां फोन पर गाली-गलौज करते हुए कहा: “हमने तेरे जैसे पता नहीं कितनों को बेवकूफ बनाया है। पुलिस भी आज तक हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाई। ज्यादा उछला तो मारकर टुकड़े-टुकड़े कर उसी जमीन में दफना दूंगा।पीड़ित ने रानीपुर थाना और SSP कार्यालय में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अधिवक्ता इन्दू रानी के जरिए धारा 175(3) BNSS के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।

कोर्ट ने लोन स्टेटमेंट और रजिस्ट्री के दस्तावेज देखे और माना कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से एक ही संपत्ति को कई बार बेचा है। कोर्ट ने रानीपुर थाना प्रभारी को आदेश की प्रति मिलने के 24 घंटे में FIR दर्ज कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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