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3 Nov 2026, Tue

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) की ऐतिहासिक पहल

देहरादून:(जीशान मलिक) उत्तराखंड के राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि धामी सरकार ने UCC को लागू कर उत्तराखंड ने एक ऐसा अध्याय लिखा है, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया।

उन्होंने ये भी कहा उत्तराखंड ने जो पहल की, वह न केवल राज्य के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि संविधान में जो लिखा गया है, उसे धरातल पर उतारने का साहस कैसे दिखाया जाए।यह फैसला दर्शाता है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो और जनसमर्थन साथ हो, तो दशकों से लंबित संवैधानिक संकल्पों को भी साकार किया जा सकता है।

“क्या है UCC…?

UCC का मतलब है भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए धर्म, जाति, पंथ या समुदाय से परे एक समान नागरिक कानून।इसका उद्देश्य है कि विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत कानूनों में कोई भेदभाव न हो और सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलें।विशेषकर महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को मजबूती मिली है।

“UCC के प्रमुख बिंदु…

  1. – विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार पर एक समान कानून सभी धर्मों और जातियों के लिए।
  2. – बहुविवाह और एकतरफा तलाक पर रोक।
  3. – महिला सम्मान की दिशा में बड़ा कदम।
  4. – बेटी और बेटे को समान संपत्ति अधिकार – लैंगिक समानता को विधिक स्वरूप।
  5. – एक ही विवाह का पंजीकरण अनिवार्य – विवाह का वैधानिक दस्तावेज सुनिश्चित किया है।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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