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7 Jun 2026, Sun

“वंदे मातरम्’ की 150 वीं वर्षगांठ पर देशभक्ति से गूंजा थाना पिरान कलियर,यह गीत कर्तव्यों की याद दिलाता है:थाना प्रभारी रविंद्र कुमार”

पिरान कलियर:(जीशान मलिक) शुक्रवार को थाना पिरान कलियर में राष्ट्रीय गीत के 150 वीं वर्षगांठ बड़ी धूमधाम से मनाई गई।एक दूसरे को मिठाई बांट कर राष्ट्रीय गीत के 150 वीं वर्षगांठ की बढ़ाई दी गई।

इस अवसर पर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने कहा पुलिस अधिकारी और“हमारे जवान सियाचिन के ग्लेशियर हो या थार के रेगिस्तान, सीमाओं की रक्षा करते हुए भी ‘वंदे मातरम’ गीत गाते हैं।यह गीत फांसी के फंदे को चूमने वाले क्रांतिकारियों के होंठों पर था। और आज भी हर भारतीय के दिल में राष्ट्रप्रेम जगाता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत बांग्ला और संस्कृत में लिखा गया था।जिसमें जाति, धर्म या मजहब का कोई जिक्र नहीं है। यह सभी वर्गों को एक सूत्र में बांधता है।

“1950 में मिली राष्ट्रगीत की मान्यता…

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह हमे याद दिलाया कि 1950 में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत की मान्यता दी गई थी। यह गीत आजादी की लड़ाई का मंत्र बना और आज भी नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल है।उन्होंने कहा, “यह गीत केवल गायन नहीं, बल्कि कर्तव्यबोध का आह्वान है। यह हमें सिखाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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