देहरादून:(चीफ एडिटर)उत्तराखण्ड में अपराध और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गढ़वाल एवं कुमाऊं रेंज सहित एसटीएफ, जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसओजी, डीसीआरबी, सीसीटीएनएस, एएचटीयू व अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक का मुख्य एजेंडा पुलिस कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग, साइबर अपराधों पर नियंत्रण, महिला- बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा तथा नये आपराधिक कानूनों के सुचारू क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
• महिला अज्ञात शवों की शिनाख्त अभियान की समीक्षा करते हुए शेष शवों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने के आदेश।
• महिला एवं बच्चों की गुमशुदगी मामलों की जांच में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एंगल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश।
• सीनियर सिटिजन और अकेले रह रहे नागरिकों से लगातार सम्पर्क कर उन्हें त्वरित सुरक्षा प्रदान करने पर बल।
• महिला सुरक्षा और जन जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश।
• साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने के आदेश।
• नये आपराधिक कानूनों के तहत ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर जैसी सुविधाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश।
• अपराधों के अनावरण में फिंगर प्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रयोग अनिवार्य किया गया।
• सभी गंभीर अपराधों और 7 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में FSL / फील्ड यूनिट को घटनास्थल पर भेजना अनिवार्य।
• अभ्यस्त अपराधियों की अवैध संपत्ति की जब्ती और चोरी व लूट की सम्पत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के आदेश।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक करन सिंह नगन्याल (अभिसूचना), सुनील कुमार मीणा (सीसीटीएनएस), योगेन्द्र सिंह रावत (कार्मिक), पुलिस उपमहानिरीक्षक धीरेन्द्र सिंह गुन्ज्याल (अपराध एवं कानून व्यवस्था) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

