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18 Sep 2026, Fri

उत्तराखंड में “अरोमा क्रांति”: अजय पंवार की पहल से 15,000 किसान हुए आत्मनिर्भर

उत्तराखंड में “अरोमा क्रांति”: अजय पंवार की पहल से 15,000 किसान हुए आत्मनिर्भर

देहरादून,अंशुल बसनेत,भगवा सनातन टाइम्स

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में औषधीय और सुगंधित फसलों के माध्यम से किसानों की आर्थ‍िक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से कार्य कर रहे धार क्षेत्रीय विकास संस्थान के संस्थापक अजय पाल सिंह पंवार ने मंगलवार को उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ लिमिटेड (UCF) के प्रबंध निदेशक आनंद ए. डी. शुक्ला से मुलाकात की। इस दौरान पंवार ने राज्य में रोजमेरी, लैवेंडर, थायम जैसे विदेशी हर्बल पौधों की खेती को लेकर चल रहे कार्यों और किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी।

पंवार ने बताया कि बीते आठ वर्षों में संस्थान ने प्रदेश के 9 पर्वतीय जिलों में 15,000 से अधिक किसानों को सुगंधित फसलों की खेती से जोड़ा है। यह पहल न केवल ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक आय का स्रोत बनी है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को “हर्बल वैल्यू चेन” से जोड़ने का काम भी कर रही है।

थानों में टिशू कल्चर लैब, देशी तकनीक से विदेशी पौधों की पैदावार रॉकहिल एग्रीटेक द्वारा देहरादून के थानों क्षेत्र में आधुनिक प्लांट टिशू कल्चर लैब की स्थापना की गई है, जहां माइक्रोप्रोपेगेशन तकनीक से उन्नत और रोगमुक्त पौध तैयार की जा रही है। इन पौधों को स्थानीय किसानों को उचित मूल्य पर वितरित किया जा रहा है, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकें।

‘पहाड़ी नैचुरल्स’ बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल

धार संस्थान द्वारा स्थापित ‘पहाड़ी नैचुरल्स’ ब्रांड के तहत किसानों के उत्पाद गांव से ही खरीदे जाते हैं। महिला समूहों द्वारा उनका प्रसंस्करण और पैकेजिंग की जाती है। इससे स्थानीय महिलाओं को न केवल सम्मानजनक रोजगार मिला है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बनी हैं। इस ब्रांड के हर्बल उत्पाद आज देश-विदेश में लोकप्रिय हो रहे हैं।

‘अरोमा टूरिज्म’ की ओर बढ़ता उत्तराखंड

पंवार ने बताया कि अब उनका फोकस राज्य में ‘अरोमा टूरिज्म’ को विकसित करने पर है। उनका सपना है कि उत्तराखंड को ‘अरोमा वैली’ के रूप में अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित किया जाए, जिससे युवाओं को स्थायी रोजगार, पर्यावरणीय संरक्षण और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

UCF ने जताई संस्थान के साथ कार्य करने की इच्छा राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद ए. डी. शुक्ला ने अजय पंवार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “यह मॉडल पूरे प्रदेश में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। हम भविष्य में धार संस्थान के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक हैं।”

बैठक में संयुक्त परियोजनाओं, पौध वितरण, विपणन तंत्र, महिला समूहों की भागीदारी सहित कई संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस अवसर पर UCF के वरिष्ठ प्रबंधक टी.एस. रावत, प्रबंधक सुशील तिवारी, NFCD के प्रदेश निदेशक सतीश राणा और धार संस्थान से रामेश्वर बर्खाल भी उपस्थित रहे।

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