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22 Apr 2026, Wed

धनपुरा विस्फोट: विहिप और बजरंग दल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, NIA जांच की भी उठी मांग

धनपुरा विस्फोट: विहिप और बजरंग दल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, NIA जांच की भी उठी मांग

हरिद्वार, 15 अप्रैल। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने धनपुरा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की घटना को गंभीर मानते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। सोमवार को हरिद्वार प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने इस घटना को षड़यंत्र की आशंका के साथ जोड़ा और एनआईए जैसी एजेंसी से जांच कराने की वकालत की।

बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज वालिया ने बताया कि विस्फोट स्थल पुलिस चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा होना और उसमें विस्फोट होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने दावा किया कि धमाका इतना भयंकर था कि आसपास 200 मीटर क्षेत्र में नुकसान हुआ और गोदाम की टिन शेड तक उड़ गई।

वालिया ने सवाल उठाया कि घायलों को सरकारी अस्पताल की बजाय निजी अस्पताल में क्यों भर्ती किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए इसे ‘थिनर विस्फोट’ कहकर मामूली बताया, जबकि मौके से भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

विहिप प्रदेश अध्यक्ष रविदेव आनंद ने घटना को धार्मिक नगरी हरिद्वार की सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ अवैध पटाखा फैक्ट्री का मामला नहीं है, बल्कि इसमें देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा षडयंत्र हो सकता है। इसकी जांच एनआईए जैसी एजेंसी से कराई जानी चाहिए और दोषियों पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई हो।”

विहिप प्रचार प्रसार विभाग के प्रांत प्रमुख पंकज चौहान ने भी इस घटना को गंभीर बताया और कहा कि उत्तराखंड जैसे शांतिपूर्ण राज्य में इस तरह की घटनाएं सहन नहीं की जाएंगी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रेस वार्ता में विहिप और बजरंग दल के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे सौरभ चौहान, जीवेंद्र तोमर, अमित मुल्तानिया, अंगद सक्सेना, विक्की, कार्तिक दिवाकर और तरुण चौहान भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग दोहराई।

यह मामला अब केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सवाल बनता जा रहा है।

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