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22 Apr 2026, Wed

250 बच्चों को मुफ्त ड्रेस, किताबें और बैग वितरित

250 बच्चों को मुफ्त ड्रेस, किताबें और बैग वितरित

ऋषिकेश,मनन ढींगरा

29 मार्च – शीशम झाड़ी स्थित ज्ञान करतार पब्लिक स्कूल में आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। करीब ढाई सौ मासूम चेहरे उत्साह से दमक रहे थे। उनके हाथों में नई स्कूल ड्रेस, किताबें और बैग थे—सब कुछ बिल्कुल निशुल्क!

लेकिन, यह सिर्फ एक साधारण स्कूल नहीं, बल्कि उन बच्चों के सपनों का घर है, जिनके माता-पिता शायद उन्हें पढ़ाने का सपना भी नहीं देख सकते थे। इस साल स्कूल ने अपनी कक्षाओं का विस्तार करते हुए LKG से कक्षा 8 तक का सफर तय किया है, यानी अब और भी ज्यादा बच्चों को शिक्षा का अवसर मिलेगा।

एक वादा, जो वर्षों से निभाया जा रहा है!

संस्थापक अध्यक्ष गुरविंदर सलूजा ने भावुक होते हुए बताया—

“यह सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के भविष्य की नींव है। हम साल में दो बार बच्चों को गर्मी और सर्दी की पोशाक देते हैं, ताकि कोई बच्चा ठंड या गर्मी से परेशान न हो। साथ ही, किताबें और बैग भी पूरी तरह से मुफ्त दिए जाते हैं।”

इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे बेहद गरीब परिवारों से आते हैं। उनके लिए न सिर्फ शिक्षा मुफ्त है, बल्कि हर रोज पौष्टिक भोजन और गाय का दूध भी दिया जाता है। यहां तक कि साल में दो बार मेडिकल और नेत्र चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य भी बना रहे।

बढ़ रही है संख्या, बढ़ रहा है विश्वास!

हर साल इस स्कूल में दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। शिक्षा के इस केंद्र में न सिर्फ पढ़ाई होती है, बल्कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भी मौका मिलता है। यहां समय-समय पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, ताकि बच्चे सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने हुनर को भी निखार सकें।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सरिता पैन्यूली के कुशल संचालन में यह स्कूल एक प्रेरणादायक मिशन बन चुका है। उनके साथ ममता, बबीता, नीलम, यशोदा बिष्ट, अनुराधा, किरण, यशोदा, अर्चना, सोनम जैसी शिक्षिकाएं भी इस नेक पहल में योगदान दे रही हैं।

आखिरी किरण की उम्मीद

जहां महंगी फीस के कारण कई बच्चे शिक्षा से दूर हो जाते हैं, वहीं ज्ञान करतार पब्लिक स्कूल एक आशा की किरण बनकर सामने आया है। यह सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि समाज के उन बच्चों का सपना है, जिसे सलूजा और उनकी टीम हर दिन सच कर रही है।

शायद यही वो जगह है, जहां से कोई डॉक्टर, इंजीनियर या समाजसेवी निकल सकता है—एक ऐसा भविष्य, जो सिर्फ इन्हीं मासूम आंखों में नहीं, बल्कि पूरे देश की उम्मीदों में चमक सकता है!

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