पिरान कलियर:(जीशान मलिक)पिरान कलियर के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई है। क्षेत्र के गांवों में स्ट्रीट लाइट न होने के कारण शाम होते ही गहरा अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों और गलियों में बिजली के खंभे (पोल) तो खड़े हैं, लेकिन वे सिर्फ सफेद हाथी साबित हो रहे हैं क्योंकि उन पर लाइटें गायब हैं।
“अंधेरे का फायदा उठा रहे आवारा कुत्ते और असामाजिक तत्व”
स्थानीय लोगों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि शाम ढलते ही पूरे गांव में सन्नाटा और अंधेरा पसर जाता है। इस वजह से:सुरक्षा पर बड़ा खतरा:महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का रात के समय घर से निकलना दूभर हो गया है।खूंखार हुए आवारा कुत्ते:अंधेरे का फायदा उठाकर आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि वे राहगीरों पर हमला कर देते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व में कई लोग इन आवारा कुत्तों का शिकार (निवाला) बन चुके हैं।बढ़ता अपराध और हादसे: अंधेरे की आड़ में असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे क्षेत्र में चोरी और छेड़खानी जैसी घटनाओं का भय बना रहता है। साथ ही, सड़कों पर गड्ढे दिखाई न देने से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।”शहरों की तरह गांवों को भी रोशनी का हक है। जब तक हर पोल पर लाइट नहीं लगेगी, तब तक ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस करते रहेंगे।
“ऊर्जा विभाग और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग”
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और ऊर्जा विभाग से इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिरान कलियर के प्रत्येक गांव में हर बिजली के पोल पर जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें इंस्टॉल की जाएं, ताकि ग्रामीणों को इस नारकीय जीवन और भय के माहौल से मुक्ति मिल सके।

