बुग्गावाला:(जीशान मलिक)प्रदेश में हलाला के खिलाफ पहला मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता का हौसला बढ़ाने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम गुरुवार को बुग्गावाला के बांद्रजूर्द गांव पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। फरजाना बेगम ने पीड़िता के साहस और दृढ़ता की सराहना की। कहा कि आपका यह कदम अन्य महिलाओं को भी अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत देगा। हलाला और तीन तलाक जैसी कुप्रथाएं महिलाओं के अधिकारों और आत्मसम्मान का हनन करती हैं। इनके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। 
उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का फैसला ऐतिहासिक है। इससे मुस्लिम महिलाओं को हलाला और तीन तलाक जैसी भेदभावपूर्ण प्रथाओं से मुक्ति मिलेगी। UCC से महिलाओं को कानूनी संरक्षण मिलेगा और समाज में समानता-न्याय की भावना मजबूत होगी।
फरजाना बेगम ने साफ किया कि राज्य सरकार और अल्पसंख्यक आयोग पीड़िता के साथ मजबूती से खड़े हैं। मामले में निष्पक्ष और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जाएगा। कुप्रथा या परंपरा के नाम पर किसी भी महिला पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है। समाज की प्रगति का आधार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार हैं।

