देहरादून:(चीफ एडिटर)उत्तराखंड सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए राशन कार्ड से जुड़ी लगभग सभी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत शुरू किए गए नए यूआरसीएमएस पोर्टल के जरिए अब लोगों को राशन कार्ड बनवाने, नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का दावा है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
“अब घर बैठे होंगे राशन कार्ड से जुड़े सभी काम”
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन कार्ड धारक घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि किसी परिवार को नया राशन कार्ड बनवाना है, तो अब उन्हें ब्लॉक या जिला पूर्ति कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा शादी के बाद नई बहू का नाम जोड़ना, बच्चे का नाम दर्ज कराना या परिवार के किसी सदस्य का नाम हटाना भी बेहद आसान हो गया है।
सरकार ने पते, उम्र और अन्य जरूरी जानकारियों में सुधार की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे, वहीं लंबी लाइनों और कार्यालयी प्रक्रियाओं से भी राहत मिलेगी।
“ओटीपी सत्यापन से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक”
नई डिजिटल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब राशन कार्ड में किसी भी प्रकार का बदलाव करने या नया कार्ड बनवाने के दौरान पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
ओटीपी दर्ज करने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकारियों के मुताबिक इससे गलत तरीके से राशन कार्ड में बदलाव कराने की संभावना खत्म होगी और केवल पात्र व्यक्ति ही सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
“30 मई तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो आ सकती है दिक्कत’
जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पुराने राशन कार्ड धारकों से 30 मई तक ई-केवाईसी पूरा कराने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार सभी परिवारों के सदस्यों का बायोमेट्रिक सत्यापन नजदीकी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर कराया जा सकता है।अधिकारियों ने साफ किया है कि समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में लोगों से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कराने को कहा गया है।
“क्या अब सामने आएंगी बीपीएल कार्ड की अनियमितताएं?
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीपीएल श्रेणी के राशन कार्डों में चल रही कथित अनियमितताएं सामने आती हैं या नहीं। लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवार भी बीपीएल कार्ड का लाभ उठा रहे हैं, जबकि कई वास्तविक जरूरतमंद आज भी योजनाओं से वंचित हैं।
अब ई-केवाईसी, ओटीपी सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अपात्र लाभार्थियों की पहचान हो सकेगी। हालांकि आम लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या व्यवस्था में वास्तव में पारदर्शिता आएगी या फिर पहले की तरह ही सब कुछ चलता रहेगा।
“Bhagwa Sanatan Times का सरकार को सुझाव”
Bhagwa Sanatan Times का मानना है कि यदि सरकार वास्तव में राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना चाहती है, तो उसे बीपीएल राशन कार्ड धारकों की सूची गांव स्तर और क्षेत्रवार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी चाहिए।ऐसा होने पर आम लोग स्वयं सूची देखकर यह पहचान सकेंगे कि कौन पात्र है और कौन अपात्र होकर भी सरकारी लाभ ले रहा है। इसके बाद नागरिक सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे।सरकार शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध बनाए। यदि शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो, तो बहुत कम समय में बीपीएल राशन का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सकता है और फर्जी लाभार्थियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
“जनता को मिलेगा बड़ा फायदा”
सरकार का मानना है कि राशन कार्ड सेवाओं के डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी। साथ ही वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंच सकेगा।डिजिटल इंडिया की दिशा में उठाया गया यह कदम आम जनता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि अब राशन कार्ड से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

