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11 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, 9-10 जुलाई को “अति” चेतावनी

देहरादून:(जीशान मलिक) भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 08-07-2026 को विशेष प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उत्तराखंड में 8 से 11 जुलाई 2026 के दौरान सक्रिय से प्रबल मानसून गतिविधि की संभावना जताई है।विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 9.6 किमी तक विस्तृत है। इसके साथ ही मौसमी द्रोणि और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य में वर्षा गतिविधियां तेज होंगी।

दिनांकवार वर्षा का पूर्वानुमान”

– 08 जुलाई 2026: देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चम्पावत एवं बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा। सभी जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना।

– 09 जुलाई 2026अलर्ट – देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिंह नगर एवं चम्पावत में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा। इन सभी जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली, वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना।उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा।

– 10 जुलाई 2026: अलर्ट- पौड़ी, नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत एवं बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा। इन जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली, वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना।देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा और गर्जन की संभावना।

– 11 जुलाई 2026: देहरादून, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा। पर्वतीय जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर। हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में भी गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना।विभाग ने बताया कि वर्षा की गतिविधि 09 और 10 जुलाई को अपने चरम पर रहने की संभावना है।

भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने के साथ वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर।भारी/अत्यधिक तीव्र वर्षा के कारण बाढ़, चट्टान गिरना एवं मलबा आने की संभावना चट्टान गिरने, भूस्खलन एवं बाढ़ के कारण सड़कें, राजमार्ग एवं पुल क्षतिग्रस्त।बिजली, पेयजल आदि आवश्यक सेवाएं प्रभावित।नदियों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा।

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