हरिद्वार:(जीशान मलिक) हरिद्वार के कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में बोर्ड परीक्षा के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में मंगलवार को हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा चल रही थी।जहां कक्ष निरीक्षकों को कुछ परीक्षार्थियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
पहचान पत्र और प्रवेश पत्र का मिलान करने पर पता चला कि चार युवतियां और चार युवक वास्तविक परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। आरोपितों ने मूल परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों पर अपने फोटो चस्पा कर लिए थे।और उसी के आधार पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश किया। यह फर्जीवाड़ा इतना सुनियोजित था कि आरोपितों ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
मामला सामने आते ही केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र द्विवेदी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।और सभी 7 आरोपितों को मौके से हिरासत में ले लिया गया। एक संदिग्ध परीक्षार्थी मौके से फरार हो गया।जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
पकड़े गए आरोपितों में गुलफाम निवासी लालढांग, कृष्ण पाल निवासी रावली महदूद और कैफ निवासी सुल्तानपुर शामिल हैं। जबकि चार युवतियां भी गिरफ्तार की गई हैं। सभी से पूछताछ जारी है।और पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस मामले ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा और फर्जी दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और परीक्षा के दौरान निगरानी बढ़ाई जाएगी।
इस घटना ने शिक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर किया है।

