Site icon Bhagwa Sanatan Times

“हरिद्वार में खांसी की दवाओं पर औषधि विभाग की सख्ती जारी,ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती के नेतृत्व में अलग_अलग हॉस्पिटलो से लिए गए सैंपल…..

हरिद्वार:(जीशान मलिक) उत्तराखंड राज्य में खांसी की दवाओं की गुणवत्ता और मानक सुनिश्चित करने के लिए औषधि नियंत्रण विभाग उत्तराखंड द्वारा चलाया जा रहा सघन निरीक्षण अभियान हरिद्वार क्षेत्र में लगातार जारी है।आपको बता दे कि आज वरिष्ठ औषधि निरीक्षक सुश्री अनीता भारती के नेतृत्व में औषधि निरीक्षक मेघा एवं विभागीय टीम द्वारा सिडकुल क्षेत्र स्थित मैट्रो हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया।

जहां से 5 औषधि सैंपल जांच हेतु संग्रहित कर राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे गए।निरीक्षण के दौरान टीम ने मेडिकल स्टोर्स में औषधियों की वैधता और स्टोरेज कंडीशन, बिलिंग रिकॉर्ड और ड्रग लाइसेंस की जांच की।

वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती ने बताया औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा खांसी की दवाओं की गुणवत्ता की जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसी भी मेडिकल प्रतिष्ठान में मानक उल्लंघन या बिना अनुमति औषधि विक्रय पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि यह अभियान औषधि आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है।यह अभियान ताकि नागरिकों को केवल सुरक्षित और मानक गुणवत्ता की दवाएं ही प्राप्त हों।

रुड़की में औषधि विभाग का औचक निरीक्षण अभियान तेज विनय विशाल हॉस्पिटल से 7 और ऐरन हॉस्पिटल से 3 सैंपल लिए गए।औषधि निरीक्षक हरीश की टीम द्वारा व्यापक निरीक्षण।रुड़की औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा जनपद हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में औषधि गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु बुधवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।

औषधि निरीक्षक हरीश के नेतृत्व में विभागीय टीम ने विनय विशाल हॉस्पिटल से 7 सैंपल और ऐरन हॉस्पिटल से 3 सैंपल एकत्र कर राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला को प्रेषित किए।निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर्स एवं अस्पतालों में दवाओं की वैधता, स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग व्यवस्था एवं स्टोरेज की जांच की गई।औषधि निरीक्षक हरीश ने बताया कि औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा रुड़की क्षेत्र में सैंपलिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी स्थिति में मानक से कम गुणवत्ता वाली औषधि को बाजार में नहीं आने दिया जाएगा।

वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती ने कहा कि जनपद में अब तक कुल 40 सैंपल जांच हेतु भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी पाई जाने वाली कंपनियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

औषधि आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने विभागीय टीमों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि“औषधि गुणवत्ता सुनिश्चित करना जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Exit mobile version