
दिल्ली:(जीशान मलिक) चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को अदालत में भावुक दृश्य देखने को मिला। सौरभ की मां रेनू, भाई राहुल और बुआ फैसले की उम्मीद में सुबह से ही कोर्ट में मौजूद थीं, जबकि दोषी मुस्कान और साहिल के परिवार से कोई भी अदालत नहीं पहुंचा।
दोषसिद्धि के बाद सौरभ के परिजन भावुक हो गए। भाई राहुल उर्फ बबलू ने कहा कि परिवार 30 सितंबर को ही सजा सुनाए जाने की उम्मीद लेकर आया था, अब 14 अक्टूबर तक इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा – “हम चाहते थे कि दोषी करार के साथ ही सजा भी सुना दी जाती। हमारी मांग है कि दोनों को फांसी की सजा मिले। जिस बेरहमी से मेरे भाई की हत्या की गई, उसके लिए फांसी से कम कुछ नहीं होना चाहिए। अगर फांसी से भी बड़ी कोई सजा होती तो वो दी जाए।”
मां रेनू ने कहा कि वह सुबह से इसी उम्मीद में कोर्ट आई थीं कि आरोपियों को सजा सुना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवार को कोर्ट पर पूरा भरोसा है, लेकिन अगर बच्ची का हवाला देकर सजा कम कराने की कोशिश हुई तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। “हमने अपना बेटा खोया है, हम न्याय चाहते हैं। जहां तक हिम्मत होगी, केस लड़ेंगे और बेटे को न्याय दिलाकर रहेंगे।”
उधर, जिला कारागार में बंद साहिल और मुस्कान को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दोषी करार होने की सूचना दी गई तो दोनों रो पड़े। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान अपनी बेटी को लेकर काफी भावुक थी। फैसले से पहले उसने पूजा और सुंदरकांड का पाठ भी किया था। दोषी करार होने के बाद दोनों ने शाम को सिर्फ एक-एक रोटी ही खाई।
बता दें कि मंगलवार को दोनों ने जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि रिमांड के दौरान कचहरी में वकीलों ने उनके साथ मारपीट की थी, इसलिए सजा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनाई जाए। अदालत ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया था।

