हरिद्वार:(जीशान मलिक) 9 नवंबर (सोमवार) को सोमवती अमावस्या के पवित्र स्नान पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और आरक्षित मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं।जारी आदेश के अनुसार मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी 8 नवंबर की शाम 4 बजे से शुरू होकर स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।जिलाधिकारी ने बताया कि स्नान पर्व पर देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू होने, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और पूर्व में हरिद्वार रेलवे स्टेशन व धार्मिक स्थलों पर विस्फोटक सामग्री मिलने की घटनाओं को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। इसी के मद्देनजर पूरे जनपद में सुरक्षा और शांति व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
“12 जोन में अधिकारियों को जिम्मेदारी…
मेला क्षेत्र को 12 जोन और 40 सेक्टरों में बांटा गया है।हरकी पैड़ी जोन में नगर मजिस्ट्रेट हर गिरी, मालवीय दीप जोन में उप मेलाधिकारी मंजीत सिंह, सुभाष घाट जोन में डिप्टी कलेक्टर आकाश जोशी, मनसा देवी जोन में एसडीएम योगेश मेहरा, अपर रोड जोन में उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी और ऋषिकुल मैदान जोन में संयुक्त आयुक्त राज्य कर नीरज कुमार को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है।इसी तरह खड़खड़ी-सप्तऋषि जोन में अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, रोड़ी बेलवाला जोन में राम कुमार दोहरे, रोड़ी बेलवाला पार्किंग जोन में जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, शंकराचार्य चौक जोन में अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह, सिडकुल जोन में जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल और चंडी देवी जोन में डॉ. विकास ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हरकी पैड़ी, मालवीय दीप, सुभाष घाट, मनसा देवी, अपर रोड, ऋषिकुल मैदान, खड़खड़ी-सप्तऋषि, रोड़ी बेलवाला, शंकराचार्य चौक, सिडकुल और चंडी देवी समेत सभी प्रमुख घाटों और संवेदनशील स्थानों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट निगरानी करेंगे।आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय, रोशनाबाद स्थित कंट्रोल रूम 8 नवंबर से प्रभावी कर दिया जाएगा। आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत को कंट्रोल रूम का प्रभारी नोडल अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम का नंबर 7351428593 रहेगा। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।एसएसपी को सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुव्यवस्थित यातायात, जल पुलिस और अग्नि सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।सीएमओ को सीसीआर और अन्य स्थानों पर एंबुलेंस, स्ट्रेचर, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री और चिकित्सकीय दल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला चिकित्सालय में भी डॉक्टरों की निरंतर उपलब्धता रहेगी।नगर निगम को घाटों पर साफ-सफाई, परिवहन निगम को वाहनों के अनावश्यक प्रवेश पर रोक, विद्युत विभाग को निर्बाध आपूर्ति, जल निगम को पर्याप्त पेयजल और अग्निशमन विभाग को आपात तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए स्नान पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


