हरिद्वार:(जीशान मलिक) ईद-ए-मिलाद-उल-नबी (बारावफात) के मद्देनजर हरिद्वार जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने और साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिले के विभिन्न संवेदनशील एवं प्रमुख क्षेत्रों में मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। ईद-ए-मिलाद-उल-नबी 26 अगस्त 2026 को चंद्र दर्शन के अनुसार मनाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार एवं सभी उप जिलाधिकारियों को पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर भारत सरकार के गृह मंत्रालय और राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पर्व से पहले संबंधित धार्मिक पक्षों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया है।प्रशासन की ओर से नगर हरिद्वार क्षेत्र, विशेष रूप से ज्वालापुर के लिए नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की को रुड़की और लंढौरा क्षेत्र, जबकि तहसीलदार रुड़की को मंगलौर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। उप जिलाधिकारी हरिद्वार को हरिद्वार उपखंड क्षेत्र, विशेष रूप से ग्राम कुन्हारी, तथा तहसीलदार हरिद्वार को धनपुरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी तरह उप जिलाधिकारी लक्सर को लक्सर उपखंड क्षेत्र, मुख्य रूप से सुल्तानपुर और खड़ंजा कुतुबपुर, जबकि तहसीलदार लक्सर को लक्सर कस्बे की जिम्मेदारी दी गई है। उप जिलाधिकारी भगवानपुर को भगवानपुर उपखंड क्षेत्र तथा तहसीलदार भगवानपुर को डाडा जलालपुर और सरठेड़ी शाहजहांपुर क्षेत्र में व्यवस्थाएं संभालने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन को पर्व के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उप जिलाधिकारी अपने स्तर से आवश्यकतानुसार नायब तहसीलदारों की तैनाती करेंगे और पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे।
इसके अलावा अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) हरिद्वार को तहसील हरिद्वार और लक्सर तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार को तहसील रुड़की और भगवानपुर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ओवरऑल इंचार्ज नामित किया गया है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईद-ए-मिलाद-उल-नबी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द का माहौल बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने आमजन से भी पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में मनाने की अपील की है।

