
चम्पावत:(जीशान मलिक) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महिला सशक्तिकरण के विजन का असर अब सीमांत जनपद चम्पावत के सुदूर गांवों में दिखने लगा है। राज्य सरकार की ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) पहाड़ की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर पलायन पर रोक लगा रही है।ताजा मामला जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर स्थित गांव बस्तिया का है, जहां की रहने वाली पुष्पा देवी आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुष्पा देवी का परिवार पहले आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चे चलाना मुश्किल था। इसी दौरान वह ॐ महिला संकुल संघ के जय माँ नंदा देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं।रीप परियोजना के तहत भौतिक सत्यापन और एकीकृत आजीविका सुधार योजना (ILIP) के अंतर्गत उनका चयन अल्ट्रा पुअर पैकेज के लिए किया गया। योजना के तहत उन्हें आजीविका के लिए 35 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
पुष्पा देवी ने इस राशि से एक दुधारू गाय खरीदी और घर पर ही डेयरी व्यवसाय शुरू किया। आज उनके यहां रोजाना 5 से 6 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसे वह 50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से स्थानीय बाजार में बेचती हैं। इससे उन्हें हर महीने लगभग 9 हजार रुपये की पक्की आमदनी हो रही है।पुष्पा देवी ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रीप परियोजना का आभार जताया है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से पहाड़ की महिलाएं घर बैठे ही रोजगार पाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

