Site icon Bhagwa Sanatan Times

हरिद्वार में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना से ग्रामीण महिलाओं को नया संबल, दीपा बनीं सफलता की मिसाल

 

हरिद्वार:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों के अनुरूप, जनपद हरिद्वार के सभी विकासखंडों में “ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना” के तहत अल्ट्रा पूवर सपोर्ट, एंटरप्राइजेज (फॉर्म व नॉन-फॉर्म), तथा सीबीओ स्तर के एंटरप्राइजेज की स्थापना की जा रही है। उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति (UGVS) द्वारा संचालित यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है।

इसी पहल का परिणाम हैं मिस्सरपुर गाँव की दीपा देवी, जो आज अपने सिलाई उद्यम से प्रति माह ₹15,000 की आय अर्जित कर रही हैं। दीपा, भागीरथी स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य हैं, जिसका गठन 5 जुलाई 2022 को हुआ था। साथ ही वह रिद्धि-सिद्धि ग्राम संगठन और स्वागत सी०एल०एफ० से भी जुड़ी हुई हैं।

एक समय था जब दीपा सिलाई का कार्य केवल छोटे स्तर पर करती थीं, और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी। परिवार के भरण-पोषण में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। परंतु ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की टीम ने बहादराबाद विकासखंड में दीपा के घर का भ्रमण कर उनकी स्थिति को समझा और उनके उद्यम को विस्तार देने में सहयोग किया।

परियोजना के अंतर्गत दीपा को ₹57,000 की कुल लागत में से ₹35,000 का ब्याजमुक्त ऋण दो वर्षों के लिए प्रदान किया गया। दीपा ने स्वयं ₹7,000 का अंशदान किया, जबकि शेष ₹15,000 की राशि उन्हें उनके समूह व संगठन से प्राप्त हुई। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने अपने सिलाई कार्य को व्यापक स्तर पर स्थापित किया।

आज दीपा की सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की प्रभावशीलता और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। यह परियोजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

दीपा जैसी अनेक महिलाएं इस परियोजना से प्रेरित होकर अपने जीवन की दिशा बदल रही हैं। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना आज ग्रामीण भारत में आशा की एक सशक्त किरण बनकर उभर रही है।

Exit mobile version