
पिरान कलियर:(जीशान मलिक)हज़रत मखदुम अला उद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्ला अलेय के उर्स में सैयद फकीर बीबी शरीफा और उनके अनुयायि संगत के लोग 59 वर्षों से हर वर्ष बड़े स्तर पर लंगर चलाकर सुबह का नाश्ता दोपहर का भोजन और इसके साथ ही रात को भी भोजन कराकर साबिर पाक के मेहमानों की सेवा करते चले आ रहे है।पिछले वर्ष 20 सितंबर 2024 को सैयद फकीर बीबी शरीफा पर्दा कर चुकी है।लेकिन फिर भी उनके अनुयायियों द्वारा बराबर उनके जैसा ही बड़े स्तर पर लंगर साबरी मेहमानों की सेवा कर रहे है।
साबिर पाक के 757 वे उर्स में पूर्व की भांति ही बीबी जैसे सेवा को अंजाम देती थी। ऐसे ही इनके अनुयायियों द्वारा साबिर पाक के उर्स में साबरी लंगर में बड़े स्तर पर खाद्य सामग्री दान करते है।और हजरत बाबा गरीब शाह साबरी के मदरसा गुलज़ारे फरीद में एक हफ्ते में लगभग 50 से 60 संगत के बंदे आते है जो अपनी अपनी सेवा देते है। ये संगत के बंदे अपना आदर्श मानते हुए और सैयद साईं कमाल शाह और सैयद साईं जुमले शाह उद्देशीया आदमपुर जालंधर जिले के आदमपुर के पास पिंड उद्देशीया के दरगाह सय्यद कमाल शाह और दरगाह सय्यद जुमले शाह की गद्दी नशीन रही सैयद फकीर बीबी शरीफा के आशीर्वाद से उनका सदका साबिर पिया में लुटा रहे है।
इस उर्स में आए संगत के लोग खास सेवादार गुरनाम सिंह जी, अस्वंत सिंह,सुरेंद्र चट्टा, बहादर चट्टा,मजीद मोहम्मद, विजय कुमार, शिवम्,बलूजा,ईशा, सोनू,अनंत प्रीत मददी, ब्रजेंद्र बांसल, शुखमन सीता,बिककर सिंह, देओल पत्रकार,मंजीत सिंह दूरा,गुलज़ार मोहम्मद, हैप्पी,काका, लक्की ड्राइवर,जिंदर बाबा,सनी हलवाई,बिक्की हलवाई, दीप दुडा आदि संगत के बंदों ने अपनी अपनी सेवाए दी।

