पिरान कलियर:(रागिब नसीम/खालिद)साबिर पाक का 757वां सालाना उर्स शुरू होने में अब सिर्फ चंद घंटे बाकी हैं, लेकिन पिरान कलियर क्षेत्र में अव्यवस्थाओं का आलम जस का तस बना हुआ है। हर तरफ पानी और कीचड़ जमा है, सड़कों की हालत जर्जर है और जायरीनों की जिंदगानी मुश्किलों में घिरी हुई है। सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन जायरीनों की जान जोखिम में डालकर ही मेला आयोजित करना चाहता है?
जर्जर सड़कों और जलभराव से हाहाकार
रहमतपुर मार्ग से पिरान कलियर जाने वाला मुख्य रास्ता गड्ढों से भरा है। बरसात में हालात और खराब हो गए हैं।पीपल चौक और रैन बसेरा मार्ग भी गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं। पिरान कलियर से रुड़की और मेहवड कला जाने वाली सड़कें भी बदहाली की गवाही दे रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल उर्स से पहले प्रशासन वादे करता है, लेकिन मौके पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। इस बार भी सड़क मरम्मत सिर्फ ईंट-रोड़ी बिछाकर की गई थी, जो पहली ही बारिश में धुल गई।
जनता में आक्रोश
स्थानीय जनता का साफ कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि को काफी समय मिला है व्यवस्था को पूरा करने में लेकिन अब साबिर पाक के उर्स में चंद घंटे बाकी है लोगों का कहना है अगर इन चंद घंटों में हालात नहीं सुधरे तो यह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सीधी लापरवाही मानी जाएगी। जायरीन पैदल भी दरगाहों पर हाजिरी लगाने आते हैं, ऐसे में कीचड़ और पानी से भरे रास्ते उनके लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की नाराजगी
दरगाह क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जलभराव और गंदगी देखकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जायरीन और दुकानदारों की परेशानी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए तत्काल सफाई और जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही मेला मैदान और आसपास की गलियों में सफाई अभियान तेज करने और अतिरिक्त पंप लगाकर पानी निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जायरीनों में उम्मीद_
निरीक्षण के बाद जायरीन और स्थानीय दुकानदारों में उम्मीद जगी है कि हालात जल्द सुधरेंगे। अस्थायी दुकानदारों ने कहा कि जलभराव हटने से उनकी दुकानदारी में सुधार होगा और आर्थिक नुकसान से बच पाएंगे।
आगामी कार्यक्रम
4 सितंबर को छोटी रौशनी जिसमें चंद घंटे बाकी है जायरीनों के आने का तांता लग गया है।और 5 सितंबर को बड़ी रौशनी का आयोजन होगा। जिसमें लाखों जायरीन कलियर शरीफ पहुंचेंगे। ऐसे में साफ-सफाई और सड़क व्यवस्था दुरुस्त करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।अब सवाल यह उठता है क्या बारिश के बीच प्रशासन, जनप्रतिनिधियो ,और दरगाह प्रबंधक इस समस्या का समाधान कर पाएगा या ऐसी ही हालत में साबिर का मेला सम्पन्न कराया जाएगा?

