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पिरान कलियर में खुलेआम सट्टे का गोरखधंधा – किसकी शह पर फलफूल रहा है यह काला कारोबार?

 

पिरान कलियर (ज़ीशान मलिक):धार्मिक नगरी पिरान कलियर में सट्टे का काला कारोबार इस कदर हावी हो चुका है कि हर गली-मोहल्ले में इसकी आहट सुनाई देने लगी है। हर दिन लाखों रुपए इस अवैध धंधे में झोंके जा रहे हैं, लेकिन कानून के रखवाले खामोश हैं। आखिर क्यों? क्या पुलिस को इसकी भनक नहीं, या फिर सब कुछ उनकी नाक के नीचे हो रहा है?

हर मोड़ पर खुली सट्टे की मंडी!

आपको बता दे कि सूत्रों के मुताबिक, पिरान कलियर में सट्टा खेलने के लिए बाकायदा खाईबाड़ी के काउंटर स्थापित किए गए हैं। ये काउंटर यूं तो साधारण दुकानों के पीछे छिपे होते हैं, मगर असली खेल इनकी आड़ में चलता है। दरगाह के आसपास, रेन बसेरा और अब्दाल शाह रोड जैसे इलाकों में सट्टे का कारोबार चरम पर है। यहां हर दिन लाखों रुपए का खेल खेला जाता है, और दिलचस्प बात यह है कि इस गोरखधंधे में इलाके के ही नामी युवा सक्रिय रूप से शामिल हैं।

 कैसे चलता है यह सट्टा कारोबार?

सट्टे की दुनिया में ‘दो नंबर पर्ची’ और ‘तीन नंबर पर्ची’ का खेल सबसे ज्यादा चलता है।

• रेन बसेरा: यहां रोज़ाना 30 से 40 हजार रुपये का सट्टा लगता है।

• अब्दाल शाह रोड मकबरा: इस जगह का कारोबार और भी बड़ा है—यहां हर दिन 60 से 70 हजार रुपये का दांव लगाया जाता है।

बाहर के लोग बने मुखौटा – पुलिस को है खबर या नहीं? 

चौंकाने वाली बात यह है कि इस सट्टेबाजी को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय सटोरियों ने बाहरी लोगों को अपनी टीम में शामिल कर लिया है। हर काउंटर पर 9 से 10 लोग मौजूद रहते हैं, जो न केवल सट्टे का संचालन करते हैं बल्कि पुलिस या मीडिया की हलचल पर भी नज़र रखते हैं।

अब सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी तादाद में यह अवैध धंधा किसकी शह पर फल-फूल रहा है? क्या यह संभव है कि कलियर पुलिस को इसकी ज़रा भी भनक न हो? या फिर पुलिस की मिलीभगत से ही यह कारोबार परवान चढ़ रहा है?

हर कदम पर सट्टा – कानून कब करेगा कार्रवाई? 

दरगाह क्षेत्र में हर कुछ कदमों की दूरी पर सट्टे के अड्डे दिखाई देते हैं। भोले-भाले लोग इन खाईबाड़ियों के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई लुटा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। क्या पिरान कलियर को इस सट्टे के जाल में यूं ही फंसने दिया जाएगा, या फिर प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा? अब देखना यह होगा कि यह मामला कब तक यूं ही चलता रहेगा, या फिर किसी बड़ी कार्रवाई की आहट सुनाई देगी!

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