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“समर कैंप के तीसरे दिन कुमाऊनी भाषा पर व्याख्यान और ज़ुम्बा क्लास का आयोजन!

ऋषिकेश:(ज़ीशान मलिक)पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड के कैप्टन अमित सेमवाल सभागार में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन आज छात्रों को उत्तराखंड की समृद्ध भाषाई संस्कृति से परिचित कराया गया। इस अवसर पर कुमाऊनी भाषा के विशेषज्ञ कृपाल सिंह शीला (भिकियासैंण बसोड़, अल्मोड़ा) ने ऑनलाइन माध्यम से छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।

अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और पहचान का भी अभिन्न हिस्सा होती है। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में भले ही 22 भाषाएं शामिल हों, लेकिन इनके साथ-साथ अनेक उपभाषाएं और बोलियां भी हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। उत्तराखंड की कुमाऊनी और गढ़वाली बोलियां भी इन्हीं में शामिल हैं, जिन्हें देवनागरी लिपि में लिपिबद्ध किया गया है। कुमाऊनी भाषा नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जैसे जनपदों में बोली जाती है और यह अपनी समृद्ध शब्दावली और परंपराओं के कारण विशेष महत्व रखती है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव लोचन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भारत विविधताओं में एकता का देश है और इसकी भाषाएं, बोलियां, वेशभूषा और खानपान इसकी समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे देश की विभिन्न भाषाओं और बोलियों का सम्मान करें और उनके ज्ञान को आत्मसात करें।

कुमाऊनी भाषा के व्याख्यान के उपरांत छात्रों के लिए एक जोशीली ज़ुम्बा क्लास भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों को फिटनेस के मूल मंत्र सिखाए गए। यह सत्र ऊर्जा और उत्साह से भरपूर रहा।

इस अवसर पर कैप्टन सुशील रावत, डॉ. आभा भट्ट, इंदु नेगी, रेखा बिष्ट, सुनीता पवार, मीडिया प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता, अनिल भट्ट, विनोद पवार, राजेश नेगी, मनोज शर्मा, बलवीर रावत सहित सभी शिविरार्थी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस तरह समर कैंप का तीसरा दिन ज्ञान, संस्कृति और फिटनेस के संगम का साक्षी बना।

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