पिरान कलियर:(जीशान मलिक) 758वें सालाना उर्स में देशभर से जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ने से पहले प्रशासन ने व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने उर्स क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। अचानक हुए निरीक्षण से संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई। जेएम ने मौके पर पहुंचकर एक-एक व्यवस्था देखी और जहां खामी मिली, वहां अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान सड़क व्यवस्था से लेकर सफाई और जल निकासी तक कई स्थानों पर कमियां सामने आईं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त मिलीं और गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित होने की स्थिति दिखाई दी। इस पर जेएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्स के दौरान लाखों जायरीनों की आवाजाही को देखते हुए रास्तों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
“गंदे नालों ने बढ़ाई चिंता, जलभराव को लेकर दिए कड़े निर्देश!
बारिश के मौसम के बीच उर्स क्षेत्र में जलभराव की आशंका को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। कई स्थानों पर नालों में गंदगी और कचरा जमा मिला। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संबंधित विभागों को नालों की सफाई कराने और पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान अचानक बारिश होने की स्थिति में जायरीनों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नालों की सफाई से लेकर जल निकासी के सभी इंतजाम पहले से दुरुस्त रखे जाएं।
“रैन बसेरों की भी जांच, बारिश से बचाव के इंतजाम पर जोर…
निरीक्षण के दौरान जायरीनों के ठहरने के लिए बनाए गए रैन बसेरों की स्थिति भी देखी गई। कुछ स्थानों पर बारिश के पानी की समस्या को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही रैन बसेरों में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को पर्याप्त रखने को कहा गया।
“पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और यातायात पर भी मांगी रिपोर्ट”
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उर्स क्षेत्र में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और उर्स शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।जेएम ने अधिकारियों से कहा कि व्यवस्थाओं को केवल कागजों में पूरा दिखाने के बजाय मौके पर उनकी स्थिति बेहतर नजर आनी चाहिए। जायरीनों के पहुंचने से पहले सभी कमियों को दूर करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
‘जायरीन आने से पहले हर कमी दूर हो’
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उर्स जैसे बड़े आयोजन में किसी भी स्तर की लापरवाही भारी पड़ सकती है। उन्होंने व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने और दिए गए निर्देशों का समयबद्ध तरीके से पालन सुनिश्चित करने को कहा।इस निरीक्षण के दौरान तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी, अकाउंटेंट टेंट सद्दाम अली, सुपरवाइजर इंतखाब आलम, हारून अली, राव शारिक समेत संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

