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श्रीलंका के सिविल सर्वेंट्स ने किया SDRF उत्तराखण्ड का अध्ययन भ्रमण

देहरादून:(जीशान मलिक) उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उसके अनुभवों का अध्ययन करने के लिए श्रीलंका से आए सिविल सर्वेंट्स के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट का भ्रमण किया। यह अध्ययन भ्रमण भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) द्वारा आयोजित क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुआ।

सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल को उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की रणनीतियों, सर्च एंड रेस्क्यू तकनीकों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गई।अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में बाढ़, भूस्खलन, पर्वतीय दुर्घटनाओं, नदी एवं जलाशय बचाव अभियानों के साथ-साथ चारधाम यात्रा के दौरान एसडीआरएफ किस प्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करती है। इस दौरान विभिन्न वास्तविक अभियानों के अनुभव भी साझा किए गए।

प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ के आधुनिक प्रशिक्षण संसाधनों, अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और प्रशिक्षित कार्मिकों की पेशेवर दक्षता का भी अवलोकन किया। रेस्क्यू उपकरणों के प्रदर्शन के माध्यम से उन्हें आपदा की स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली की जानकारी दी गई।श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखण्ड एसडीआरएफ की कार्यशैली, अनुशासित प्रशिक्षण व्यवस्था और मानव जीवन की सुरक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए इसे आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक अनुकरणीय संस्था बताया। प्रतिनिधियों ने कहा कि एसडीआरएफ का व्यावहारिक अनुभव और कार्य मॉडल अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक और उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

इस अवसर पर उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, निरीक्षक (ट्रेनिंग) प्रमोद कुमार रावत सहित एसडीआरएफ के अन्य अधिकारी और कार्मिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।

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