देहरादून:(जीशान मलिक)भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस NCGG के क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत श्रीलंका के 40 सिविल सर्वेंट्स के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को SDRF वाहिनी मुख्यालय जौलीग्रांट का अध्ययन भ्रमण किया।सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में दल को SDRF की संगठनात्मक संरचना, बल के गठन और उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
भ्रमण के दौरान दल को SDRF की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की रणनीतियां, सर्च एंड रेस्क्यू तकनीक और आपातकालीन ऑपरेशनों की जानकारी दी गई। चारधाम यात्रा और अन्य आपदाओं में किए गए राहत-बचाव कार्यों के अनुभव भी साझा किए गए।
प्रतिनिधिमंडल को सैटेलाइट आधारित संचार प्रणाली, थर्मल इमेजर, कटिंग टूल्स और डीप-डाइविंग गियर्स जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन कराया गया। पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए विकसित माउंटेन रेस्क्यू मॉड्यूल और हाई एल्टीट्यूड रिस्पॉन्स तकनीकों में श्रीलंकाई अफसरों ने खास रुचि दिखाई।
श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल ने SDRF उत्तराखंड की कार्यकुशलता, अनुशासन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की सराहना की। इसे आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रेरणादायक मॉडल बताया। यह भ्रमण भविष्य में उत्तराखंड और श्रीलंका के बीच आपदा प्रबंधन में अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

