विभाजन की त्रासदी अब भी जख्म दे रही है – प्रो. बत्रा
हरिद्वार,भगवा सनातन टाइम्स
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की उपनगर मध्य हरिद्वार कार्यकारिणी की ओर से एसएमजेएन पीजी कॉलेज में गुरुवार को अखंड भारत संकल्प दिवस विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्षेत्र संत आयाम प्रमुख ईश्वर दयाल ने कहा कि “देश के लिए लड़ना ही सबसे बड़ा मजहब है”। उन्होंने कहा कि हर नागरिक के हृदय में देशभक्ति की भावना होनी चाहिए और भारत मां के प्रति श्रद्धा सर्वोपरि रहनी चाहिए। ईश्वर दयाल ने स्मरण कराया कि विभाजन के समय संघ के स्वयंसेवकों ने लाखों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि विभाजन की त्रासदी अभी भी भारतीय उपमहाद्वीप के सामूहिक स्मृति पर गहरा असर डाले हुए है। उन्होंने इसे इस भूभाग की सबसे बड़ी मानवजनित आपदा बताया। प्रो. बत्रा ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोग भारत के ही नागरिक थे, उन्हें आज तक “शरणार्थी” कहना अनुचित है और यह परंपरा बदलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाए और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माना जाए।
इस अवसर पर नगर प्रचारक हरिद्वार शुभम, नगर कार्यवाह डॉ. अनुराग, नगर बौद्धिक प्रमुख भूपेंद्र, उपनगर मध्य हरिद्वार कार्यवाह मनोज पाल, त्रिलोक राणा, मनोज अग्रवाल, विकास तिवारी, प्रो. संजय महेश्वरी सहित कॉलेज के प्रो. जगदीश चंद्र आर्य, डॉ. एस.के. माहेश्वरी, विनय थप्पिलयाल, डॉ. यादविंदर सिंह, डॉ. मोना शर्मा, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. लता शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, विनीत सक्सेना, आस्था आनंद, अंकित बंसल, रिचा मिनोचा, रिकल गोयल समेत शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।

