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रुड़की में बाइक चोरों का खेल खत्म – पुलिस की घेराबंदी में फंसी चोरी की स्पीड गैंग!

रुड़की:(जीशान मलिक)रुड़की – रात के अंधेरे में गूंजती इंजन की आवाज़ें, गली-गली से गायब होती मोटरसाइकिलें और परेशान लोग… लेकिन इस कहानी का रोमांच यहीं खत्म नहीं हुआ। कोतवाली रुड़की पुलिस की एक गुप्त और सटीक योजना ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया जिसने गाढ़ी कमाई से खरीदी गई बाइकों को चुराकर अपने शौक पूरे करने का रास्ता बना लिया था।

पिछले कई दिनों से शहर में बाइक चोरी की घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा रखी थी। कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने सख्त आदेश दिए – “किसी भी कीमत पर इन चोरों को पकड़ो।” इसके बाद एक विशेष टीम का गठन हुआ, डिजिटल सर्विलांस और मैनुअल ट्रैकिंग शुरू हुई। हर सुराग का पीछा किया गया… और फिर आई वह रात जिसने इस खेल का अंत कर दिया।

31 जुलाई 2025, सोलानी पुल के पास नहर पटरी – पुलिस टीम ने घेराबंदी की, अचानक तीन संदिग्ध बाइक सवार नजर आए। आदेश मिला – “अब या कभी नहीं।” सेकंडों में घेराबंदी हुई और तीनों चोर पुलिस के शिकंजे में थे।

पहली पूछताछ में वे चुप रहे, लेकिन जब सख्ती बढ़ी तो रहस्य खुलने लगे।

“सर… सिर्फ रुड़की ही नहीं, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर… सब जगह से उठाई हैं बाइक्स,” दिनेश नामक गिरोह सरगना ने कबूल किया।

नहर पटरी के पास एक बाग से 09 और बाइकें बरामद हुईं। कुल मिलाकर 11 चोरी की मोटरसाइकिलें पुलिस ने अपने कब्जे में लीं।

इन चोरों का खेल बड़ा शातिर था – नंबर प्लेट बदलो, औने-पौने दाम पर बेचो और शौक पूरे करो। लेकिन कप्तान डोबाल की सख्ती और पुलिस टीम की सूझबूझ के आगे उनका खेल ज्यादा दिन नहीं चला।

अब दिनेश, नदीम और प्रदीप जेल की सलाखों के पीछे अपनी अगली सवारी की तलाश में रहेंगे – पर इस बार पुलिस वैन ही उनकी सवारी होगी।

रुड़की पुलिस की यह सफलता बता रही है कि अपराध कितना भी तेज़ दौड़े, कानून की पकड़ उससे तेज़ होती है।

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