
रूड़की:(जीशान मलिक) रुड़की के मशहूर समाजसेवी, तीन दशक से सफल कोचिंग सेंटर संचालक एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी पंकज नंदा और रेलवे सलाहकार बोर्ड की सदस्य पूजा नंदा की लाडली बेटी परी नंदा का बीती रात निधन हो गया। आज गमगीन माहौल में नगर के मुख्य मालवीय चौक श्मशान घाट पर पिता पंकज नंदा ने नम आंखों से बेटी को मुखाग्नि दी।लगभग साढ़े 18 वर्षीय परी नंदा अंबाला के समीप मुलाना में रहकर पढ़ाई कर रही थी। परीक्षा देने के लिए वह घर आई हुई थी,और विगत शनिवार 20 जून को उसे वापस जाना था। सुबह तैयार होने से पहले परी घर की छत पर रेलिंग में रखे गमलों में पानी दे रही थी, तभी अचानक पैर फिसलने से वह छत से नीचे गिर गई।परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां जांच में पैर की हड्डियां टूटना सामने आया। देहरादून के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। चिकित्सक पैरों में प्लेट्स डालने पर विचार कर रहे थे, लेकिन पंकज नंदा के अनुसार इसी बीच अचानक परी के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण शुरू हो गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद संक्रमण बढ़ता गया और बीती रात इस प्यारी परी ने दुनिया को अलविदा कह दिया।बेटी की असमय मौत से नंदा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। मां पूजा नंदा गहरे सदमे में हैं। पंकज नंदा के आंसू भी रुकने का नाम नहीं ले रहे।आपको बता दें कि नंदा परिवार पर गत वर्ष से ही संकट के बादल छाए हुए हैं। पिछले वर्ष इन्हीं दिनों पूजा नंदा गंभीर बीमारी की चपेट में आ गई थीं। उनकी जान जाते-जाते बची थी। अब पुत्री परी की दुखद मृत्यु ने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया है।
परी के अंतिम संस्कार में रुड़की विधायक एवं कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष मधु सिंह, गन्ना सलाहकार समिति के डायरेक्टर दिनेश कौशिक, परिवहन संचालन समिति के डायरेक्टर संजय अरोड़ा, विश्व हिंदू परिषद उपाध्यक्ष दिलीप मेहंदीरत्ता, राज्य मंत्री शोभा राम प्रजापति, डॉ. आशुतोष सिंह, जिला मंत्री सागर गोयल, जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह समेत तमाम भाजपा नेताओं ने शिरकत की।भाजपा अनुसूचित मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, किसान मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों, नगर के सभी पार्षदों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नगर के प्रमुख समाजसेवियों ने भी अंतिम संस्कार में भाग लेकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। नगर और आसपास के सभी पत्रकार भी शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।

