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बहादराबाद टोल प्लाजा पर वसूली का विरोध, स्थानीय लोगों ने केंद्र को भेजी शिकायत, 20 किमी नियम की अनदेखी का आरोप  

हरिद्वार:(चीफ एडिटर)हरिद्वार-रुड़की-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बहादराबाद-ज्वालापुर टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों में आ गया है। स्थानीय निवासियों ने टोल प्लाजा पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायतकर्ता शांतनु शर्मा ने मंत्रालय को भेजी शिकायत में कहा है कि ज्वालापुर और हरिद्वार के स्थानीय लोग टोल प्लाजा के कारण भारी परेशानी झेल रहे हैं। शिकायत पंजीकरण संख्या MORTH/E/2026/0016019 है।

“मुख्य मुद्दा: दूरी और शुल्क”

शिकायत में बताया गया है कि ज्वालापुर से टोल प्लाजा की दूरी मात्र 11 किलोमीटर और हरिद्वार शहर से 16 किलोमीटर है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों से आने-जाने का 138 रुपये वसूला जा रहा है। दैनिक यात्रियों के लिए यह राशि बहुत बड़ी है।

स्थानीय लोगों का दावा है कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 20 किलोमीटर की सीमा के भीतर आने वाले स्थानीय लोगों को राहत मिलनी चाहिए। लेकिन बहादराबाद टोल पर नियमों की अनदेखी की जा रही है।

“शिकायत NHAI को भेजी गई”  

दस्तावेजों के अनुसार इस शिकायत को 28 अप्रैल 2026 को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया गया है। फिलहाल यह प्रक्रियाधीन है। मंत्रालय ने मामले को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI के मुख्य महाप्रबंधक समन्वय को भेज दिया है।

“स्थानीय लोगों की मांग”

1. स्थानीय निवासियों के निजी वाहनों के लिए पूर्ण टोल माफी दी जाए।

2. टोल प्लाजा पर स्थानीय लोगों के लिए अलग लेन की व्यवस्था की जाए।

3. नियमों का सख्ती से पालन हो ताकि स्थानीय जनता का शोषण रुके।

वर्तमान में NHAI नियमों के तहत 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए मासिक पास की सुविधा है। लेकिन स्थानीय जनता अब टोल-फ्री आवाजाही की मांग कर रही है।अब सबकी निगाहें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और NHAI पर टिकी हैं। देखना होगा कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

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