रूड़की:(जीशान मलिक) देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर स्थित गणेशपुर टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन (एकता) और भारतीय किसान यूनियन (टोडा) द्वारा प्रस्तावित घेराव और धरना बुधवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टल गया है। आंदोलन की घोषणा को देखते हुए पुलिस ने सुबह ही किसान नेताओं को उनके कैंप कार्यालय पर हाउस अरेस्ट कर दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के आला अधिकारियों और टोल प्रबंधन ने किसान नेताओं के साथ लंबी बातचीत की। किसानों की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का ठोस भरोसा मिलने के बाद दोनों संगठनों ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
” आधी अधूरी सड़कों पर पूरा टोल वसूलने का विरोध”
भाकियू (एकता) और भाकियू (टोडा) ने पहले 1जुलाई 2026 को गणेशपुर टोल प्लाजा पर बड़े प्रदर्शन और घेराव का एलान किया था। टकराव की स्थिति को टालने के लिए यूपी पुलिस के निरीक्षक सतेंद्र कुमार और टोल प्लाजा के महाप्रबंधक शादाब खुद किसान नेताओं के कैंप कार्यालय पहुंचे। इस बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने तीखे तेवर अपनाते हुए मांग रखी कि जब तक एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी लिंक सड़कें पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हो जातीं, तब तक वाहन चालकों से पूरा टोल शुल्क नहीं वसूला जाना चाहिए।इसके अलावा किसानों ने टोल प्लाजा की सभी लेन नियमित रूप से चलाने, स्थानीय वाहन चालकों से अभद्र व्यवहार करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई करने और 20 कि.मी के दायरे में रहने वाले ग्रामीणों को टोल शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
“चार में से तीन मांगों पर बनी सहमति”
भाकियू (एकता) के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरमान त्यागी और भाकियू (टोडा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन टोडा के नेतृत्व में हुई इस बातचीत में अधिकारियों ने किसानों की चार में से तीन प्रमुख मांगों पर तत्काल सहमति जता दी। वहीं, टोल छूट से जुड़ी शेष मांग को लेकर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे संबंधित उच्च एजेंसियों के समक्ष इस मामले को प्रभावी ढंग से उठाकर जल्द ही समाधान कराएंगे।
तय समय में समाधान नहीं हुआ तो फिर होगा घेराव: किसान नेता वार्ता के बाद संयुक्त रूप से बयान जारी कर किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन और टोल प्रबंधन के आश्वासन का सम्मान करते हुए फिलहाल आंदोलन टाला गया है। लेकिन तय समय सीमा के भीतर इन समस्याओं का जमीनी समाधान नहीं हुआ, तो दोनों संगठन दोबारा बड़े स्तर पर गणेशपुर टोल प्लाजा का चक्का जाम और घेराव करेंगे। जनता के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।
इस मौके पर भाकियू (टोडा) के प्रदेश अध्यक्ष नाजिम अली, जिलाध्यक्ष मुबारिक अली, मनोज खटका, भाकियू (एकता) के जिलाध्यक्ष सोनू त्यागी, राष्ट्रीय सचिव हारून त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल करीम, जावेद, हाजी याकूब, समीर, आरिफ, अमजद, शारुख, राव इसरार, नदीम, शोएब, जीशान मलिक, बाहर आलम, रवि और कामिल प्रधान सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

