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पर्वतीय मैदानी एकता मंच ने सुभाष नगर हरिद्वार में आयोजित की महत्वपूर्ण बैठक

हरिद्वार(चीफ एडिटर)उत्तराखंड में कुछ चुनिंदा तत्वों द्वारा पहाड़ और मैदान के बीच भेदभाव फैलाने वाले भड़काऊ बयानों के विरोध में आज पर्वतीय मैदानी एकता मंच ने सुभाष नगर, हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। मंच ने कहा कि पहाड़ और मैदान एक-दूसरे के भाई-भाई हैं और प्रदेश की एकता को टूटने नहीं दिया जाएगा।

मंच के अध्यक्ष पी.के. अग्रवाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता के विचार जानकर मंच को आगे बढ़ाना और उन लोगों के विरुद्ध मजबूत आवाज उठाना था जो समाज में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसे भड़काऊ बयानों पर सरकार मौन क्यों है और तुरंत क्या कार्रवाई की जा रही है। अग्रवाल ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो मंच इस मुद्दे को लेकर सख्त कदम उठाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग करेगी।

मंच की उपाध्यक्ष लक्ष्मी अग्रवाल ने कहा कि कुछ वर्षों से कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर मैदानी-पुरवासी और पर्वतीयों के बीच खाई पैदा करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम पहाड़ की बेटियाँ भी हैं और प्लेन की बहू भी — हमें किसी प्रकार की समस्या नहीं है, पर जो लोग भेदभाव फैलाते हैं, उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।”

प्रदेश महिला अध्यक्ष किरण सिंह ने मंच के उद्देश्य को एकता बढ़ाना बताया और कहा कि जल्द ही हरिद्वार में बड़े स्तर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें केवल पर्वतीय–मैदानी एकता और उससे जुड़े विचार साझा किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में केवल कुछ चुनिंदा लोगों की वजह से समस्या खड़ी हो रही है—पूरा उत्तराखंड दोनों समुदायों के बीच बनी एकता का पक्षधर है।

मंच सदस्य सुरिंदर ठाकुर ने कहा कि यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की चिंता है। उन्होंने उठाए गए सवालों पर सरकार को तत्काल कदम उठाने की अपील की ताकि भविष्य में इस तरह के भड़काऊ बयानों की पुनरावृत्ति न हो।

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग: पी.के. अग्रवाल (अध्यक्ष), लक्ष्मी अग्रवाल (उपाध्यक्ष), कुलवंत सिंह चड्ढा, आरती तिवारी, प्रेमचंद हितैषी, किरण सिंह, अनु शर्मा, अनिल राणा, राजिंदर कुमार मौर्य, रणवीर सिंह सैनी, शिव कुमार, रोहित चौहान, उदय बंसल, सुरेन्द्र ठाकुर, आकांक्षा, आराधना पाण्डे, बिक्रमजीत सिंह, दीप्ति, सुरिंदर पाल, प्रवेश कुमार बिंदल, शान्ति विश्वास, योगेश सैनी, नीरज यादव, संदीप कुमार, जगदीश सहित कई अन्य सदस्य।

मंच ने कहा कि उत्तराखण्ड को उत्तराखण्ड ही रहने दें — पहाड़ और मैदान को अलग बताकर देश को विभाजित करने जैसा माहौल नहीं बनने देंगे। मंच ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई और सार्वजनिक रूप से चेतावनी भी दी कि भड़काऊ बयानों के मामले में सख्त न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

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