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नमाज़-रोज़े की पाबंदी पर जोर: ‘पैग़ाम-ए-कर्बला’ कान्फ्रेंस में उलमा ने दिखाई राह

मुरादाबाद:(जीशान मलिक) नगर के मोहल्ला नूरउल्लाह स्थित सिद्दिके अकबर मस्जिद में ग़ुलामाने सिद्दिके अकबर की जानिब से आयोजित दस रोज़ा ‘पैग़ाम-ए-कर्बला’ कान्फ्रेंस का आगाज़ सोमवार की रात रूहानी माहौल में हुआ। कान्फ्रेंस की शुरुआत हाफ़िज़ तहज़ीब रज़ा ने क़ुरान पाक की तिलावत से की, जबकि क़ारी आरिफ अत्तारी ने नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में कलाम पेश कर समां बांध दिया।कान्फ्रेंस की दूसरी शब मुख्य वक्ता के तौर पर तशरीफ़ लाए सय्यद अफ़रोज़ मियां रामपुरी ने अपने बयान में कहा कि ‘नेकी की दावत देना और बुराई से मना करना तमाम नबियों का तरीका रहा है। लिहाज़ा हम सबकी भी जिम्मेदारी है कि खुद भी नेक अमल करें और दूसरों को भी नेक रास्ते पर चलने की तलकीन करें।’ उन्होंने नमाज़, रोज़े की पाबंदी और अख़लाक़ को दुरुस्त करने पर खास जोर दिया।बयान के बाद सलातो सलाम पेश किया गया और मुल्क में अमन-ओ-अमान, खुशहाली और कौम की तरक्की के लिए ख़ुसूसी दुआ कराई गई। इस मौके पर बड़ी तादाद में अकीदतमंद मौजूद रहे।

कान्फ्रेंस में मौलाना ग़य्यूर अहमद आफाकी, सूफी अनीसुर रहमान अज़हरी, मुफ्ती मोहम्मद बिलाल रज़ा, हाफ़िज़ फैज़ान, क़ारी अब्दुल वकील अत्तारी, मुफ्ती अब्दुल सुब्हान रजा, इन्तज़ार रज़वी, अबरार अत्तारी समेत कई उलमा-ए-कराम और मुअज़्ज़िज़ लोग शामिल रहे। ग़ुलामाने सिद्दिके अकबर की ओर से बताया गया कि यह कान्फ्रेंस दस दिन तक जारी रहेगी, जिसमें हर रोज़ इशा की नमाज़ के बाद अलग-अलग उलमा खिताब करेंगे।

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