Breaking
21 Apr 2026, Tue

“एस.एम.जे.एन पीजी कॉलेज में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के निःशुल्क पुस्तक मेले में उमड़ी छात्र छात्राओं की भीड़”

हरिद्वार:(चीफ एडिटर) मंगलवार को एस.एम.जे.एन महाविद्यालय में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी द्वारा निःशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत विशाल पुस्तक मेले का आयोजन किया गया।

जिसमे सैकड़ों छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों को निःशुल्क पुस्तकें वितरित की गईं। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट तथा कॉलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष महंत रविन्द्रपुरी महाराज द्वारा की गयी।

इस अवसर पर महंत रविन्द्रपुरी ने कहा कि पुस्तके अंतर्मन को उज्जवल बनाती हैं इसी कारण वो रत्नों से भी मूल्यवान होती हैं। पुस्तकों के बिना परिपूर्ण ज्ञान की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्ष्रेत्रीय निदेशक एवं समन्वयक डॉ बृजेश बनकोटी ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय जन जन तक शिक्षा पहुंचाने को कटिबद्ध हैं। डॉ. बृजेश बनकोटी ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकों के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि पुस्तकों का व्यक्ति के ज्ञान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है। इस योजना का लाभ सभी से उठाने की अपील की।उन्होंने कहा कि रुड़की क्षेत्रीय केंद्र के अंदर 7 मेलो का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सुनील कुमार बत्रा ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा निशुल्क पुस्तक वितरण के इस कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि छात्रों को पुस्तकों द्वारा एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ाने का एक शानदार कदम हैं।

कार्यक्रम में वित्त अधिकार शिक्षा सतेंद्र डबराल,एच ई सी कॉलेज से तारा सिंह, श्रीसाई इंस्टीट्यूट के संजीव शर्मा सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। निःशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम कल भी जारी रहेगा।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *