हरिद्वार में दीपों की जगमगाहट संग शिक्षा और पत्रकारिता की नई किरण — महंत रविंद्र पुरी महाराज ने किया निःशुल्क पत्रकारिता कोर्स का ऐलान, दी प्रेरणा और जीवन का संदेश
हरिद्वार। दीपों के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर मंगलवार को एसएमजेएन पीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित दीपावली मिलन समारोह ज्ञान, संस्कृति और प्रेरणा से आलोकित रहा। समारोह का आयोजन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें हरिद्वार के वरिष्ठ पत्रकारों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भाग लिया।
महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक अंधकार को मिटाकर समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मकता फैलाने का संदेश देती है।
उन्होंने बताया कि एसएमजेएन पीजी कॉलेज में वर्तमान में 2500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें से 1800 छात्राएं हैं। उन्होंने कहा,
“हमारा प्रयास यही रहता है कि हमारी बच्चियों को हरिद्वार में सुरक्षा और श्रेष्ठ शिक्षा मिले ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो और वे देश का नाम रोशन करें।”
महंत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “हमारे यहां हजारों की संख्या में किरायेदार हैं। जब मैं मोती बाजार जाता हूं, तो अक्सर पूछता हूं—‘बेटे, कितना पढ़े हो?’ जवाब मिलता है—‘गुरुजी, हाई स्कूल।’ और जब उसकी पत्नी से पूछता हूं, तो वह कहती है—‘मैंने एम.कॉम और पीएचडी की है।’ समाज में अब बेटियां शिक्षा में आगे बढ़ रही हैं, यह गर्व की बात है।”
उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि “बत्रा में कभी घमंड नहीं देखा। आज कुछ लोग थोड़ी सुरक्षा या पद मिलते ही बदल जाते हैं, लेकिन जो सच्चा होता है, वह दिखावा नहीं करता।”
महंत ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि जो पहाड़ों में स्कूल बंद हो रहे हैं, उन्हें गोद लिया जाए, ताकि श्री मनसा देवी ट्रस्ट और निरंजनी अखाड़ा उन विद्यालयों को पुनः संचालित करने का प्रयास कर सके।
पत्रकारों की ओर मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा,
“आप सब छोटे-मोटे लोग नहीं हैं, आप लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। पत्रकारिता समाज का दर्पण है। जो युवा या कार्यरत पत्रकार पत्रकारिता में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए हम पत्रकारिता एवं जनसंचार का कोर्स नि:शुल्क शुरू करने जा रहे हैं। इसकी रजिस्ट्रेशन फीस मनसा देवी ट्रस्ट और निरंजनी अखाड़ा वहन करेगा। हर सप्ताह देश के अनुभवी पत्रकार कॉलेज में आकर छात्रों को मार्गदर्शन देंगे।”
महंत ने पत्रकारों में जोश भरते हुए कहा कि शिक्षा और पत्रकारिता में निरंतरता आवश्यक है। उन्होंने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी पीएचडी करने का निर्णय प्रेरणा से लिया, जब उन्होंने देखा कि उनके आस-पास सभी शिक्षित और उच्च शिक्षाविद हैं। उन्होंने कहा,
“अगर हमारे अंदर जज़्बा है, तो कोई भी मंज़िल मुश्किल नहीं। हम इस कोर्स को इग्नू और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि पत्रकारों को बेहतर अवसर मिल सके।”
अपने प्रेरणादायक संबोधन में महंत ने एक कहानी सुनाई —
“एक राजा के पास एक बूढ़ा हाथी था। एक दिन वह तालाब में फंस गया। सेना आई, क्रेन लगाई, पर हाथी बाहर नहीं निकला। तब एक पुराने महावत को बुलाया गया। उसने कहा, ‘शहनाइयां और नगाड़े बजाओ।’ जब शहनाइयां बजीं, तो हाथी ने खुद को जवान समझा, जोश में छलांग लगाई और बाहर आ गया। इसका संदेश यही है कि जितना हम अपने आप को बूढ़ा मानेंगे, उतने ही बूढ़े हो जाएंगे। जब खुद को युवा समझेंगे, तो कोई भी उपलब्धि असंभव नहीं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का ऐसा क्षेत्र है, जिसमें जितना हम पढ़ते हैं, उतना ही कम महसूस होता है। उन्होंने प्रेरणादायक उदाहरण देते हुए बताया,
“एक संत अयोध्या से आए थे — उन्होंने सात विषयों में एम.ए. और दो पीएचडी की थीं। वहीं डॉक्टर नरेश नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिन्होंने पंद्रह विषयों में एम.ए. और दो पीएचडी की थीं। ऐसे लोगों को देखकर मन में प्रेरणा जागती है कि सीखना कभी रुकना नहीं चाहिए।”
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. रजनीकांत शुक्ल, सुनील दत्त पांडेय, और संजय आर्य ने भी अपने विचार साझा किए।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दीपावली आत्मीयता, संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का अवसर है।
हरिद्वार की यह दीपावली सिर्फ रोशनी की नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और प्रेरणा की दीपावली बन गई — जहां हर दीप ने समाज में नई सोच की किरण जगाई।

