
पिरान कलियर:(जीशान मलिक)दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स के चलते पिरान कलियर में देश-विदेश से जायरीनों का सैलाब उमड़ रहा है। हर दिन हजारों लोग कलियर पहुंच रहे हैं, लेकिन जायरीनों को कलियर तक पहुंचाने वाली सड़कों की बदहाली उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है।रहमतपुर रोड इन दिनों गड्ढों और टूटे हिस्सों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालकों के लिए एक-एक कदम जोखिम भरा बना हुआ है। इसी बदहाल सड़क पर हाल ही में एक ई-रिक्शा पलटने से यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हादसे ने सड़क की बदहाली को लेकर जिम्मेदार विभागों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उर्स के दौरान जब कलियर में वाहनों और जायरीनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है,तो ऐसे समय में प्रमुख मार्ग का इस हालत में होना गंभीर चिंता का विषय है।गनीमत रही कि ई-रिक्शा पलटने की घटना किसी बड़े हादसे में तब्दील नहीं हुई। लेकिन जिस तरह सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, उससे कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की हालत सुधारने के लिए कुछ समय पहले मरम्मत का काम कराया गया था। लोगों के मुताबिक उस दौरान सड़क के गड्ढों को भरकर और ऊपर से मरम्मत कर काम पूरा कर दिया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद सड़क फिर उखड़ने लगी। आज स्थिति यह है कि कई स्थानों पर सड़क की सतह गायब हो चुकी है और गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि सड़क की मरम्मत पर सरकारी धन खर्च हुआ था तो आखिर इतनी जल्दी सड़क दोबारा बदहाल कैसे हो गई? क्या मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच हुई थी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने काम पूरा होने के बाद सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया था? इन सवालों का जवाब स्थानीय लोग और राहगीर जिम्मेदार विभाग से मांग रहे हैं।
उर्स के दौरान रहमतपुर रोड पर लगातार ई-रिक्शा ऑटो, कार और अन्य वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क पर गड्ढों के कारण वाहन चालक अक्सर अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का खतरा भी बना रहता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाहर से आने वाले जायरीन सड़क की स्थिति से अनजान होते हैं। रात के समय गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं। ऐसे में यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि हादसा होने के बाद कुछ समय तक जिम्मेदार अधिकारी सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि उर्स के दौरान बढ़े यातायात को देखते हुए रहमतपुर रोड की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर यदि जरूरत हो तो पूरी सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।लोगों का कहना है कि दरगाह साबिर पाक में देश-विदेश से आने वाले जायरीनों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में मुख्य मार्ग की बदहाली को नजरअंदाज करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। ई-रिक्शा पलटने की घटना ने खतरे की घंटी बजा दी है। अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे से पहले जागे और सड़क की तस्वीर बदले।

