उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में 21वाँ स्थापना दिवस समारोह धूमधाम से संपन्न
हरिद्वार,मनन ढींगरा 21 अप्रैल
— उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में सोमवार को 21वाँ स्थापना दिवस समारोह अत्यंत हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन हुआ।
समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री एवं कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी द्वारा दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को संबोधित करते हुए कुलसचिव अवस्थी ने विश्वविद्यालय की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने पूर्व स्वरूप से अब तक निरंतर प्रगति की है और आज यह उत्कृष्ट संसाधनों, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं गुणवत्तापूर्ण फैकल्टी के साथ एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे शोध प्रोजेक्ट्स की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएँ भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित हैं और इन्हें राजभवन से भी प्रशंसा प्राप्त हुई है। उन्होंने शिक्षकों से नए शोध प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों का मूल कार्य अनुसंधान और समाज को दिशा प्रदान करना है। प्रो. शास्त्री ने बताया कि विश्वविद्यालय में छह शोधपीठों की स्थापना की गई है, जो विभिन्न महापुरुषों के विचारों एवं व्यक्तित्व पर आधारित हैं। उन्होंने छात्रों को पुस्तकालय में समय व्यतीत कर गहन अध्ययन करने की प्रेरणा दी।
समारोह में शिक्षाशास्त्र विभाग के छात्रों ने कुलगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वहीं योगाचार्य की छात्रा रिया ने आकर्षक शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। अतिथियों का स्वागत डॉ. विंदुमती द्विवेदी ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट ने किया।
इस अवसर पर शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रो. मोहन चंद्र बलोदी, व्याकरण विभाग के डॉ. दामोदर परगाईं, साहित्य विभाग से डॉ. प्रतिभा शुक्ला, डॉ. हरीश तिवारी, डॉ. कंचन तिवारी, इतिहास विभाग से डॉ. अजय परमार, सुशील चमोली, मीनाक्षी सिंह रावत एवं डॉ. प्रकाश पंत सहित अनेक विद्वानजन उपस्थित रहे।
समारोह ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य की एक सशक्त झलक प्रस्तुत की।

