
ऋषिकेश:(जीशान मलिक) श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS)-2026 के तहत अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों ने शोध परियोजनाओं, तकनीकी मॉडल, प्रोटोटाइप, सॉफ्टवेयर, ऐप और स्टार्टअप से जुड़े अभिनव विचारों का प्रदर्शन किया।इस आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एम.एस. रावत ने किया। उन्होंने कहा कि शोध को केवल ज्ञान अर्जन तक सीमित रखने के बजाय उसे नवाचार, उद्यमिता और समाज की जरूरतों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को पेटेंट, प्रोटोटाइप, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम की संयोजक एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनक्यूबेशन की निदेशक प्रो. अनीता तोमर ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने विचारों को समाजोपयोगी समाधान एवं संभावित स्टार्टअप में बदलने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत रचनात्मकता, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसा वातावरण तैयार होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रयोग और उद्यमिता की भावना विकसित हो। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार और नए अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार प्राणी विज्ञान विभाग के शोधार्थियों श्रुति नौटियाल, मनीषा आर्या, पूजा भट्ट और संदीप कुमार की‘लेडीबर्ड बीटल्स’ टीम को मिला। टीम ने जैविक कीट नियंत्रण के लिए शिकारी लेडीबर्ड बीटल्स के व्यावसायिक उत्पादन और विपणन की अवधारणा प्रस्तुत की। परियोजना को पर्यावरण-अनुकूल होने के साथ कृषि क्षेत्र में रासायनिक कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने की संभावनाओं से जोड़कर देखा गया।
रिसर्च स्टडीज के निदेशक प्रो. अहमद परवेज ने लेडीबर्ड बीटल्स समेत अन्य उपयोगी विचारों को औद्योगिक स्तर तक ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।द्वितीय पुरस्कार एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा सलोनी बिष्ट और बीसीए तृतीय सेमेस्टर के छात्र आलोक चंद्र को उनके क्ले मॉडलिंग कार्य के लिए प्रदान किया गया। वहीं तृतीय पुरस्कार सुकन्या झा (बीएससी तृतीय सेमेस्टर) और अभिषेक धनौला (बीबीए प्रथम सेमेस्टर) के बीच बराबर रहा। दोनों को सॉफ्टवेयर और ऐप आधारित नवाचारी परियोजनाओं के लिए संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार दिया गया।डॉ. मनीष एवं देवभूमि उद्यमिता योजना की पूरी टीम ने ABSS–2026 में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपना स्टॉल लगाया। टीम ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उन्हें नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया तथा अपने विचारों को व्यावहारिक रूप प्रदान कर उन्हें सफल उद्यम में परिवर्तित करने के लिए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दिया। टीम की सक्रिय सहभागिता ने अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शन को और अधिक सार्थक एवं प्रेरणादायी बनाया।
प्रदर्शनी में शिक्षा, तकनीक, कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यटन, सामाजिक नवाचार और उद्यमिता से जुड़े प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए। विभिन्न स्टॉलों का शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अतिथियों ने अवलोकन कर प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की।आयोजन में डॉ. दिनेश सिंह ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस दौरान प्रो. कंचन लता सिन्हा, प्रो. वीपी श्रीवास्तव, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. संगीता मिश्रा समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार प्रदर्शनी ने युवाओं को शोध और नवाचार को वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ने के साथ-साथ नए स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने का मंच दिया। प्रो. अनीता तोमर ने आयोजन की सफलता पर कुलपति, परिसर निदेशक, देवभूमि उद्यमिता टीम, आयोजन समिति, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार जताया।

