हरिद्वार:(चीफ एडिटर) विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को निष्काम सेवा ट्रस्ट, भूपतवाला परिसर में संपन्न हुई। बैठक के बाद दण्डी स्वामी पूज्य स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती तथा विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि परिवार कानूनों की समीक्षा, मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, गौ रक्षा-संवर्धन, नशा मुक्ति और हिन्दू समाज की एकता समेत 7 प्रमुख विषयों पर संकल्प लिए गए।मार्गदर्शक मंडल ने कहा कि परिवार संस्था हिंदुत्व की बड़ी देन है। व्यभिचार को अपराध न मानने, लिव-इन रिलेशन और समलैंगिक जोड़ों को पति-पत्नी जैसे अधिकार देने जैसे निर्णयों से चिंता बढ़ी है। ‘ऐसा वातावरण बन रहा है कि विवाह झंझट लगने लगे। यह खतरनाक होगा।’ मंडल ने सभी परिवार कानूनों की समीक्षा कर उन्हें विवाह संस्था के अनुरूप बनाने की मांग की। साथ ही कहा कि पारिवारिक विवाद पुलिस-कचहरी नहीं, सामाजिक स्तर पर सुलझें।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे को लेकर लगे आरोपों पर विहिप ने कहा कि ट्रस्ट ने खुद SIT गठन की मांग की थी। चम्पत राय SIT के सामने पेश हो चुके हैं। मंडल ने मांग की कि रामालय ट्रस्ट और राम जन्म मंदिर पुनर्निर्माण ट्रस्ट समेत राम मंदिर के नाम पर पैसा जुटाने वाले सभी ट्रस्टों के खातों की जांच हो। ‘जांच पूरी होने तक कीचड़ उछालना ठीक नहीं। जो दोषी हों, दंडित हों।’ विहिप ने अयोध्या को 2027 विधानसभा चुनाव का मुद्दा बनाने के प्रयासों पर भी आपत्ति जताई और सर्वदलीय जांच की मांग को ‘हास्यास्पद’ बताया।बैठक में संपूर्ण गौवंश की रक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की गई। विहिप ने कहा कि गाय को सम्मानित करने के लिए ‘राष्ट्रमाता’ जैसा योग्य नाम देने पर संतों के साथ देशभर में सहमति बनाई जाएगी। जिन राज्यों में 14 वर्ष से अधिक गौधन की हत्या की अनुमति है, वहां सख्त कानून बनाने का आग्रह किया गया। ‘घर-घर गौपालन ही समाधान है। गोबर-मूत्र से ही गौपालन का खर्च निकल आता है।’
बजरंग दल के नशा मुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए संत समाज प्रबोधन करेगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्षभर देशभर में मनाने का आह्वान किया गया। जनगणना में जनजातीय समाज को ORP के रूप में दर्ज करने को ‘मूल संस्कृति से काटने का प्रयास’ बताते हुए कहा गया कि ‘हिन्दू हम सब एक हैं।’जनसंख्या असंतुलन की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर प्रधान मंत्री का धन्यवाद करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और अलगाववाद रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

