अल्मोड़ा:(ज़ीशान मलिक) एक महत्वपूर्ण ज्ञापन पर अभी तक ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोशित नागरिकों एवं प्रतिनिधियों ने प्रशासन से त्वरित और न्यायसंगत हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में तीन प्रमुख बिंदुओं को उठाया गया है, जिन पर शीघ्र कार्यवाही की आवश्यकता जताई गई है।
1. ज्ञापन पर ठोस कार्यवाही – ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन से यह अपेक्षा की गई है कि त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा इसकी जानकारी संबंधित पक्षों को समयबद्ध ढंग से दी जाए।
2. अधिकारियों के असम्मानजनक व्यवहार पर चेतावनी – जिन अधिकारियों द्वारा जनता अथवा प्रतिनिधियों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार किया गया, उन्हें स्पष्ट चेतावनी देने तथा उनके लिए भविष्य हेतु आचरण संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
3. बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान – कृत्रिम रूप से छोड़े गए बंदरों की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए एक ठोस, दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने और उसे सार्वजनिक मंच पर साझा करने की मांग की गई है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन विषयों पर शीघ्र व प्रभावशाली कार्यवाही नहीं की गई, तो यह मामला मुख्यमंत्री उत्तराखंड, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। इस कदम को जनहित की रक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की पुनर्स्थापना के लिए आवश्यक बताया गया है।

