Breaking
9 Jun 2026, Tue

ग्राम प्रधान को हटाया गया

ग्राम प्रधान को हटाया गया

हरिद्वार, 11 अप्रैल 2025

हरिद्वार जिले के विकास खण्ड भगवानपुर की ग्राम पंचायत लामग्रन्ट की प्रधान परमजीत कौर को उनके पद से हटा दिया गया है। जिलाधिकारी हरिद्वार, कर्मेन्द्र सिंह ने उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा-138 के तहत यह निर्णय लिया।

इस कार्रवाई की शुरुआत 6 सितंबर 2022 को हुई थी, जब ग्राम लामग्रन्ट के निवासी पवन कुमार ने नव-निर्वाचित प्रधान परमजीत कौर पर फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच उपजिलाधिकारी भगवानपुर के आदेश पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्वारा की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि परमजीत कौर ने जिस शैक्षिक संस्था से प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था, वहां उनका नामांकन व अध्ययन हुआ ही नहीं था।

जिला विद्यालय निरीक्षक, सहारनपुर द्वारा इस बात की पुष्टि की गई कि परमजीत कौर ने एच.ए.वी. इंटर कॉलेज, सहारनपुर में कभी पढ़ाई नहीं की। इसी आधार पर उपजिलाधिकारी भगवानपुर ने 12 अप्रैल 2023 को उन्हें प्रधान पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।

हालांकि, परमजीत कौर ने इस निर्णय के विरुद्ध मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार के समक्ष अपील दायर की, लेकिन 31 मई 2024 को अपील खारिज कर दी गई और पूर्व आदेश को यथावत बनाए रखा गया। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया, जिसका कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।

परमजीत कौर ने उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिट याचिका दाखिल की, जिसमें 5 अप्रैल 2025 को अंतिम सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई। न्यायालय ने अंतरिम आदेश के तहत प्रधान पद से हटाने की कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई।

उपलब्ध तथ्यों और न्यायालय के निर्देशों के आलोक में जिलाधिकारी हरिद्वार ने 11 अप्रैल 2025 को आदेश जारी करते हुए परमजीत कौर को ग्राम प्रधान पद से हटा दिया। यह निर्णय उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।

यह मामला उत्तराखण्ड पंचायतीराज व्यवस्था में शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *