मनोज कुमार के निधन पर परमार्थ निकेतन में विशेष यज्ञ, भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित
ऋषिकेश,मनन ढींगरा 5 अप्रैल
हिन्दी सिनेमा के महान अभिनेता और देशभक्ति फिल्मों के पर्याय बन चुके मनोज कुमार के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। इस दुखद अवसर पर आज परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति हेतु एक विशेष वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। आश्रम के ऋषिकुमारों ने वेद मंत्रों के साथ मनोज कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष ने अमेरिका से श्रद्धांजलि भेजते हुए उन्हें एक महान कलाकार ही नहीं, बल्कि सच्चे राष्ट्रभक्त की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में जब परमार्थ निकेतन में एक फिल्म की शूटिंग हो रही थी, तब मनोज कुमार, हेमा मालिनी सहित कई फिल्म कलाकार कई दिनों तक आश्रम में रुके थे। “मनोज जी का स्वभाव अत्यंत सरल और विनम्र था। वे अक्सर शाम को राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति पर चर्चा करते थे, जो आज भी याद है,” स्वामी जी ने स्मृतियों को साझा करते हुए कहा।
स्वामी जी ने आगे कहा, “मनोज कुमार सिर्फ अभिनेता नहीं थे, वे भारत माता के सच्चे सपूत थे। ‘भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं’ जैसी अमर पंक्तियां आज भी हर भारतीय के दिल को छूती हैं। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”
मनोज कुमार की फिल्मों ‘पूरब और पश्चिम’, ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ ने न सिर्फ भारतीय सिनेमा को नई दिशा दी, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने अपने जीवन और कला के माध्यम से समाज को जो मूल्य, संस्कार और प्रेरणा दी है, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
यज्ञ के समापन पर परमार्थ निकेतन परिवार की ओर से दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की गई तथा उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।

