देहरादून:(जीशान मलिक)मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विधानसभा के विशेष सत्र ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल पारित न होने पर विपक्षी नेताओं का ताली बजाना महाभारत में द्रौपदी के अपमान जैसा था।
CM ने कहा कि 16 अप्रैल को बुलाए गए विशेष सत्र में विपक्ष ने मिलकर ऐतिहासिक बिल को पारित नहीं होने दिया। PM मोदी ने साफ कहा था कि बिल पास होने का श्रेय विपक्ष को देने को तैयार हैं, फिर भी विरोध किया गया।CM बोले कि गृहमंत्री अमित शाह ने साफ किया था कि परिसीमन से किसी राज्य की सीटों के साथ भेदभाव नहीं होगा। उत्तराखंड में विधानसभा सीटें 105 हो सकती थीं, जिनमें 35 महिलाओं के लिए आरक्षित होतीं। सांसद भी 5 से बढ़कर 7-8 हो जाते। CM ने अपील की कि महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। 33% आरक्षण बिल को यथाशीघ्र लागू करने के लिए सर्वसम्मत संकल्प का प्रस्ताव रखा।गौरा देवी, तीलू रौतेली, कल्पना चावला से लेकर चंद्रयान-3 और ऑपरेशन सिंदूर में विंग कमांडर व्योमिका सिंह व कर्नल सोफिया कुरैशी तक का उदाहरण देकर कहा कि नारी अब नेतृत्व कर रही है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि, सुकन्या समृद्धि में 4 करोड़ खाते, तीन तलाक कानून, UCC से मुस्लिम महिलाओं को हलाला से मुक्ति, उत्तराखंड में 30% नौकरी आरक्षण, 2.65 लाख लखपति दीदी का जिक्र किया।
CM धामी ने कहा कि PM मोदी ने धारा 370, राम मंदिर के बाद अब महिला आरक्षण का ऐतिहासिक कार्य भी जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि सामान्य घरों की बेटियां अब रसोई से रायसीना हिल तक पहुंच रही हैं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसका उदाहरण हैं।

