देहरादून/नई दिल्ली:भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता) हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रयासों से ऋषिकेश स्थित केंद्रीय विद्यालय आईडीपीएल के लिए 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे वर्षों से लटके स्कूल के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
सांसद त्रिवेंद्र ने बताया कि भूमि हस्तांतरण का मामला कई साल से लंबित था। हालात इतने खराब हो गए थे कि इस साल केंद्रीय विद्यालय संगठन ने जमीन न मिलने के कारण नए सत्र में दाखिले पर रोक लगा दी थी। इससे स्कूल बंद होने का खतरा मंडरा रहा था और सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई दांव पर लग गई थी।
स्थानीय जनता से जानकारी मिलने पर सांसद रावत ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और शिक्षा मंत्री के सामने मुद्दा उठाया। दोनों मंत्रालयों से लगातार समन्वय के बाद पर्यावरण मंत्रालय ने 2.41 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।
सांसद ने कहा कि इस फैसले से स्कूल बंद होने का संकट टल गया है। अब KVS नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर सकेगा और स्कूल भवन का पुनर्निर्माण भी तेज होगा। इससे क्षेत्र के छात्रों को स्थायी और बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय कार्यकर्ताओं, स्कूल प्राचार्य, पर्यावरण मंत्रालय और उत्तराखंड वन विभाग के साथ लगातार समन्वय बना रहा।
रावत ने कहा कि स्वीकृति वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के तहत दी गई है, जिसमें क्षतिपूर्ति वनरोपण, NPV भुगतान और वन्यजीव संरक्षण की शर्तें शामिल हैं। यह विकास और पर्यावरण संतुलन का उदाहरण है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पर्वतीय राज्यों की जरूरतों को समझकर त्वरित फैसले लिए जा रहे हैं। मोदी सरकार के सभी मंत्रालय स्थानीय समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।

