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40 डिग्री की तपिश में ठंडक की फुहार: शहीदी गुरुपर्व पर श्रद्धानंद रोड पर लगी सेवा की छबील

रांची:(चीफ एडिटर) सिख पंथ के पांचवें गुरु, शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के पावन शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर गुरुवार को रांची के उप्पर बाजार स्थित श्रद्धानंद रोड पर मानवता और सेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सिख परिवार की ओर से राहगीरों के लिए मीठे जल की छबील लगाई गई और प्रसाद का वितरण किया गया।इस पुण्य कार्य का आयोजन अमित, बाला प्रीतम, किशोर एवं गणपति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजकों ने बताया कि श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज ने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए लाहौर में भीषण गर्मी में तत्ते तवे पर बैठकर और सिर पर गर्म रेत डलवाकर शहादत दी थी। उनकी इसी कुर्बानी की याद में हर साल शहीदी दिवस पर मीठे जल की छबील लगाने की परंपरा है।

‘श्री गुरु अर्जन देव जी ने हमें सिखाया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। आज जब पूरा शहर 40 डिग्री की गर्मी से तप रहा है, तो उनके संदेश पर चलते हुए राहगीरों की प्यास बुझाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है’, आयोजकों ने कहा।

सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह सेवा शाम तक अनवरत चलती रही। छबील पर दूध, जल, बर्फ और मिश्री से तैयार किया गया ठंडा मीठा शरबत और हलवा-चने का प्रसाद वितरित किया गया। रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर, स्कूली बच्चे, दुकानदार और राह चलते सैकड़ों लोगों ने रुककर जल ग्रहण किया और गर्मी से राहत पाई।

खास बात यह रही कि इस सेवा कार्य में स्थानीय हिंदू-मुस्लिम दुकानदारों और युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। कई युवाओं ने खुद से शरबत पिलाने और प्रसाद बांटने की जिम्मेदारी संभाली। पूरे माहौल में ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारे गूंजते रहे।

स्थानीय निवासी नागेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘गर्मी में जब गला सूख रहा था, तब सिख भाइयों ने ठंडा जल पिलाकर इंसानियत का फर्ज निभाया। यही असली धर्म है।’ वहीं ऑटो चालक मोहम्मद शमीम ने कहा, ‘हर साल ये लोग शहीदी दिवस पर छबील लगाते हैं। इनकी सेवा भावना से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।’आयोजन के अंत में सभी सेवादारों ने अरदास कर गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर सर्वबत के भले की कामना की।

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