देहरादून:(चीफ एडिटर)भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के 107वें रेगुलर कोर्स ने शनिवार को अपनी मातृ संस्था, देहरादून स्थित आईएमए परिसर में भव्य रजत जयंती समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर कोर्स के अधिकारी अपने परिवारजनों के साथ अकादमी पहुंचे और प्रशिक्षण काल की स्मृतियों को साझा करते हुए गौरवशाली यात्रा को याद किया।
416 जेंटलमैन कैडेट्स वाला यह कोर्स 24 जून 2000 को भारतीय सेना में कमीशन हुआ था और अब राष्ट्र सेवा के 25 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण कर चुका है। समारोह के दौरान कोर्स के 255 अधिकारी अकादमी के ऐतिहासिक प्रांगण में एकत्र हुए और उस संस्था के प्रति कृतज्ञता प्रकट की, जिसने उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और कर्तव्यबोध से ओतप्रोत सैन्य अधिकारी के रूप में गढ़ा।
पिछले ढाई दशकों में 107वें रेगुलर कोर्स के अधिकारियों ने विविध भौगोलिक क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियानों में उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, उच्च पेशेवर दक्षता और प्रभावी संचालन कौशल का परिचय दिया है। इस कोर्स से 47 वीरता पुरस्कार विजेता और 176 विशिष्ट सेवा पुरस्कार प्राप्त अधिकारी निकले हैं, जो भारतीय सेना में इसके उल्लेखनीय योगदान को दर्शाता है।
समारोह के दौरान राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 10 वीर अधिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रजत जयंती के अवसर पर शहीद अधिकारियों के परिजनों को सम्मानित किया गया, जिनमें दो शहीदों के परिवारजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अत्यंत भावुक और गरिमामय बना दिया।
107वें रेगुलर कोर्स की रजत जयंती भारतीय सैन्य अकादमी की गौरवशाली परंपराओं, सम्मान, साहस और बलिदान के मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति है, जो राष्ट्र सेवा के प्रति इन अधिकारियों की अटूट निष्ठा और प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

