
हरिद्वार में बेसहारों के लिए नई उम्मीद: ‘सतगुरु कृपा अपना घर’ आश्रय स्थल का भव्य उद्घाटन
हरिद्वार। सप्तसरोवर मार्ग पर बसे श्री कृष्ण प्रणामी निज धाम में जैसे ही फीता कटा, वैसे ही एक नया इतिहास रच दिया गया। ‘सतगुरु कृपा अपना घर’—यह नाम सिर्फ एक आश्रय स्थल का नहीं, बल्कि उन हजारों बेसहारा, असहाय और उपेक्षित लोगों के लिए एक नई जिंदगी की उम्मीद का प्रतीक बन गया।
उद्घाटन समारोह में जब स्वामी सदानंद महाराज, विधायक मदन कौशिक, मेयर किरण जैसल और समाजसेवी डॉ. विशाल गर्ग समेत अन्य गणमान्य हस्तियों ने मंच संभाला, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति के मन में एक ही सवाल था—क्या सच में यह आश्रम उन लोगों के लिए एक नई रोशनी बनेगा, जिन्हें समाज ने ठुकरा दिया?
स्वामी सदानंद महाराज ने जब अपनी वाणी से इस पहल के महत्व को स्पष्ट किया, तो सभा में सन्नाटा छा गया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि उन लोगों का घर है, जिन्हें अब तक कोई अपना कहने वाला नहीं था। यहां हर जरूरतमंद को न केवल छत मिलेगी, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा।”
विधायक मदन कौशिक ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “हरिद्वार में यह आश्रम उन जिंदगियों को संवारने का काम करेगा, जिन्हें दुनिया ने भुला दिया है। यह सिर्फ आश्रय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह भी दिखाएगा।”
डॉ. विशाल गर्ग ने इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश किया। “15 कमरों और 60 बिस्तरों से शुरू हुआ यह आश्रय स्थल भोजन, चिकित्सा और जीवन यापन की सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराएगा। यह सिर्फ एक शुरुआत है, आने वाले समय में यह पहल और विस्तार लेगी।”
जैसे-जैसे इस अनूठे प्रयास की चर्चा बढ़ी, वैसे-वैसे वहां मौजूद लोगों की आंखों में उम्मीद की चमक साफ झलकने लगी। यह आश्रम उन लोगों की जिंदगी बदल सकता है, जो अब तक गुमनामी के अंधेरे में खो चुके थे।
समारोह में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। सुरेश गर्ग, नरेश बंसल, रवि बंसल, प्रह्लाद वर्मा, नगर निगम पार्षद आकाश भाटी, सूर्यकांत शर्मा, विदित शर्मा समेत कई गणमान्य लोगों ने इस पहल को समर्थन देने का संकल्प लिया।
क्या यह आश्रम उन टूटे हुए सपनों को जोड़ने में सफल होगा? क्या ‘सतगुरु कृपा अपना घर’ उन लोगों के लिए वाकई एक नया घर साबित होगा, जिनका दुनिया में कोई नहीं? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन हरिद्वार में उम्मीद की यह नई सुबह निश्चित रूप से समाज में एक बड़ा बदलाव लाने वाली है।

