हरिद्वार में जागृति वुमेंस कांफ्रेंस ने बुजुर्ग महिलाओं संग मनाया रंगोत्सव, गूंजे भजन और होली के गीत
हरिद्वार: रंगों के त्योहार होली का उल्लास जागृति वुमेंस कांफ्रेंस हरिद्वार सोसाइटी के माध्यम से बुजुर्ग माताओं के चेहरों पर खुशी बनकर झलका। सोसाइटी ने अपने डे केयर सेंटर फॉर वुमेन सीनियर सिटीजंस में इस उत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया, जहां भजन-कीर्तन और होली के गीतों की गूंज ने समा बांध दिया।
समारोह की शुरुआत प्रभु गणेश और देवी माँ के भजनों से हुई, जिसके बाद सभी ने मिलकर होली के पारंपरिक गीत गाए। गुलाल का तिलक लगाकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी गईं, जिससे माहौल उमंग और उल्लास से भर गया।
संस्था की अध्यक्ष नीरू जैन ने कहा, “होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और समाज को जोड़ने का एक माध्यम है।” संरक्षिका अलका शर्मा ने भारतीय संस्कृति में होली के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “यह पर्व सदियों से हमारी परंपरा का हिस्सा है और इसे उल्लास के साथ मनाना हमारी जिम्मेदारी है।”
संस्था की सचिव डॉ. करुणा शर्मा ने कहा, “होली बुराई पर अच्छाई की जीत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व न केवल भारत, बल्कि विश्व के कई अन्य देशों में भी मनाया जाता है, जो हमारी संस्कृति की व्यापकता को दर्शाता है।”
इस अवसर पर संस्था द्वारा सभी बुजुर्ग माताओं को प्रेमपूर्वक गुजिया भेंट की गई, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। ममता, अनीता, प्रेमवती, अलका शर्मा, नीरू जैन और डॉ. करुणा शर्मा सहित अन्य गणमान्य महिलाएं इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
इस रंगोत्सव ने न केवल एक सुंदर त्योहार को जीवंत किया, बल्कि बुजुर्ग महिलाओं को अपनेपन का एहसास भी कराया।

